scriptAfter Corona, children are becoming victims of 'Performance Anxiety' | कोरोना के बाद बच्चे हो रहे 'परर्फोमेंस एंजाइटी' का शिकार, कहीं आपका बच्चा भी तो नहीं ! | Patrika News

कोरोना के बाद बच्चे हो रहे 'परर्फोमेंस एंजाइटी' का शिकार, कहीं आपका बच्चा भी तो नहीं !

-स्कूल पहुंचे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास की कमी बन रही परेशानी
-पढ़ाई को लेकर डर, घबराहट के कारण रोज 10 से 12 बच्चे बीएमसी पहुंच रहे इलाज कराने....

सागर

Published: February 27, 2022 01:58:40 pm

आकाश तिवारी, सागर। कोविड महामारी ने पूरे देश को एक अजीब खौफ से डरा रखा है। इस बीमारी का अंत कब होगा, कैसे होगा यह कोई नहीं जानता। इसके साइड इफेक्ट भी सामने आ रहे हैं। कोरोना के कारण घरों में कैद रहे बच्चों में भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। लंबे समय तक घर पर रहने के बाद स्कूल में कक्षाएं लेने और परीक्षा का सामना करने पहुंचे विद्यार्थी परफॉर्मेंस एंजाइटी का शिकार हो रहे हैं। शहर में ऐसे बच्चों की संख्या बढ़ रही है। चिकित्सकों का कहना है कि पहले बच्चों से संबंधित ऐसे एक-दो केस ही आते थे, लेकिन अब रोज 10- 12 अभिभावक आ रहे हैं।

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Performance Anxiety

बीएमसी के एआरटी सेंटर के काउंसलर अनुपम बोहरे के अनुसार कारोना काल में स्कूली बच्चे घर पर ही रहकर ऑन लाइन कक्षाओं के माध्यम से पढ़ाई कर रहे थे। ऐसे में वह अपने में ही अपने सुख और दुख समेटे हुए थे। पहले वह सहपाठियों के साथ अपनी तुलना करके जान लेते थे कि वह उनसे अच्छे हैं ऐसे में उन्हें डर नहीं रहता था कि वह परीक्षा में कैसी प्रदर्शन करेंगे। अब लंबे समय बाद कक्षाओं में पहुंचे हैं, तो उन्हें यह डर सताने लगा कि वह पास होंगे या फेल।

डॉ. संजय प्रसाद, सहायक प्राध्यापक मनोरोग विशेषज्ञ बीएमसी का कहना है कि बोर्ड एग्जाम में स्टूडेंट्स पर अच्छे नंबर लाने का दबाव रहता है। ऐेसे में स्टूडेंट्स किसी भी दबाव के बिना अपना उच्चतम प्रयास करें। साथ ही अभिभावकों को भी सलाह है। कि वह छात्रों पर अनावश्यक दबाव ना डालें, बल्कि उन्हें प्रोत्साहित करें। छात्रों के व्यवहार एवं आहार पर विशेष ध्यान दें। दूसरे छात्रों से तुलना ना करें। छात्रों को एकाग्रता बढ़ाने के लिए योग और ध्यान करें। और देर रात तक पढ़ाई करने के बजाय सुबह जल्दी उठकर पढ़ाई करें।

घबराहट, रात में नींद न आना, चिंता हैं लक्षण

बीएमसी के मेडिसिन विभाग के सह प्राध्यापक डॉ. मनीष जैन बताते हैं कि उनके पास रोजना 10 से 15 बच्चे परफॉर्मेंस इंजाइटी की समस्या वाले आ रहे हैं। इन बच्चों में घबराहट, रात में नींद न आना, चिंता, चिड़चिड़ापन जैसे लक्षण होते हैं। यह सब कोविड के कारण स्कूलों से दूर रहने की वजह से हुआ है।

उपाय - 1

ऐसे बच्चों को डर, चिंता से मुक्त करने के लिए उनके अंदर छिपी नाकरात्मक सोच को खत्म करने का प्रयास करें। बच्चे ने जब-जब अच्छा प्रदर्शन किया था उसे सोचें तो नकारात्मकता से दूर जाएंगे।

उपाय- 2

बच्चे को अभिभावक हर हाल में परिस्थति का सामना करने की सीख दें। ताकि वे अंदर से मजबूत बनें। अभिभावक बच्चों को मोटिवेट करते रहें। सफल लोगों की कहानियां सुनाएं।

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