अंचल में रोजगार के अवसर बढ़ाने  एयरपोर्ट जरुरी

डॉ. हरिसिंह गौर विवि की स्थापना के समय कई विद्वान इसलिए सागर नहीं आए कि यहां हवाई सेवा नहीं है: रघु ठाकुर, सर्व दलीय नागरिक संघर्ष मोर्चा भारत सरकार के सामने रखेगा मांग

सागर. सागर में रोजगार के अवसरों को बढ़ाने के लिए ढाना हवाई पट्टी को विकसित करना बेहद जरूरी है। बुंदेलखंड अंचल में पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए यहां पर एयरपोर्ट महती जरूरत है। ढाना स्थित हवाई पट्टी के विस्ता और एयरपोर्ट के रुप विकास के लिए पर्याप्त जमीन है। बस आवश्यकता है जन-प्रतिनिधियों और सरकार को इस मामले में संज्ञान लेने की यदि वास्तव में जन-प्रतिनिधि इस अंचल का विकास चाहते हैं तो यहां हवाई पट्टी के लिए आवाज उठाना चाहिए। इस मामले में समाजवादी चिंतक और सर्वदलीय नागरिक संघर्ष मोर्चा के संरक्षक रघु ठाकुर भी पत्रिका की मुहिम के साथ आगे आए हैं। उन्होंने पत्रिका की महिम को सराहते हुए बताया कि सागर में एयरपोर्ट विकसित करने का मामला वे मोर्चा के बैनर तले तो उठाएंगे ही और भारत सरकार से इसकी मांग करेंगे। उन्होंने बताया कि 1946 में जब डॉ हरिसिंह गौर सागर में विश्वविद्यालय की स्थापना कर रहे थे तब शुभारंभ कार्यक्रम में कई विद्वान इसलिए नहीं आए थे कि यहां पर हवाई सेवा नहीं है। ठाकुर ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा मिलने के बाद हमारी जरूरतें बढ़ी हैं साथ ही ज्ञान विज्ञान का आदान-प्रदान वैश्विक स्तर पर हो रहा है, पढऩे-पढ़ाने वाले सागर आ जा रहे हैं लेकिन हवाई मार्ग न होने से कई विद्वान यहां नहीं आते, यहां तक कि विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद की बैठक भी सागर से बाहर हो रही है, इसकी बड़ी वजह है कि हवाई मार्ग न होना। हैदराबाद, बेंगलुरु, पुणे जाने के लिए लोगों को इंदौर या भोपाल से विमान पकडऩा पड़ता है। मजबूत तथ्य यह है कि रेल के द्वतीय श्रेणी के किराए व विमान के किराए में ज्यादा अंतर नहीं है। पूर्व में रिजर्वेशन करा लेने से विमान का किराया रेल के किराए से कम ही होता है। इस संदर्भ में केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रहलाद पटेल से भी चर्चा कर संसद में बात रखने की मांग की जाएगी। हवाई अड्डा होने से होटल, टेक्सी, पर्यटन के क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ेगे।

शशिकांत धिमोले Reporting
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