अक्षय तृतीया पर घरों में हुई पूजन

बच्चों ने रचाया गड्डा, गुड़ियों का विवाह

By: sachendra tiwari

Updated: 14 May 2021, 09:52 PM IST

बीना. अक्षय तृतीया पर लोगों ने घरों में पूजन की। हिंदू धर्म ग्रन्थों के अनुसार इसी दिन भगवान विष्णु के नर-नारायण और परशुराम के अवतार हुए थे। इस दिन किया गया दान-पुण्य का कर्म फल सदैव अक्षय रहता है।
लोगों ने घरों में नए मटकों में पानी भरकर पूजन किया। क्योंकि मटके को कलश का प्रतीक माना जाता है, जिसमें तैतीस कोटी देवी-देवताओं का वास माना जाता है। पूजन कर लोगों ने सुख-समृद्धि और शांति की प्रार्थना की। वहीं बच्चों ने परंपरा अनुसार गुड्डा, गुडिय़ों का विवाह रचाया।
किसानों ने भी की पूजन
किसान अक्षय तृतीया पर भूमि पूजन करते हैं, जिससे आगामी फसल अच्छी आए। यह मान्यताएं वर्षों से चली आ रही हैं। खरीफ सीजन की शुरुआत इसी दिन से होती है।

भगवान परशुराम की आरती कर किया हवन
कोरोना के चलते परशुराम प्रकटोत्सव पर सामूहिक कार्यक्रम आयोजित नहीं हुए। नरसिंह मंदिर पर कुछ लोगों की मौजूदगी में भगवान परशुराम की पूजन, आरती की और हवन किया गया। इस अवसर पर प्रेमनारायण शास्त्री, शिवेन्द्र मिश्रा, लोमश तिवारी, जगदीश पाराशर, विकास रिछारिया उपस्थित थे।वहीं अथक पथ संग्रहालय में भगवान परशुराम के प्रकटोत्सव पर पूजन, परशुराम चालीसा, महाकाव्य का पाठ राम शर्मा ने किया, इसके बाद आरती की गई। निकुंज तिवारी को परशुराम बनाकर झांकी सजाई गई। इस अवसर पंकज तिवारी, हरि शर्मा, रामकली, भारती तिवारी, प्रवीण शर्मा, अर्पित, अंकित आदि उपस्थित थे।

sachendra tiwari Reporting
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