असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति घोटाला- राष्ट्रपति को सौंपी जांच रिपोर्ट अब कार्रवाई का है इंतजार

डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति घोटाले की जांच पूरी हो चुकी है। यह रिपोर्ट दल ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सौंप दी है। अब यह मामला सीधे राष्ट्रपति के पास पहुंच चुका है।

Samved Jain

September, 1303:36 PM

Damoh, Madhya Pradesh, India

सागर. डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विश्वविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर नियुक्ति घोटाले की जांच पूरी हो चुकी है। यह रिपोर्ट दल ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद सौंप दी है। अब यह मामला सीधे राष्ट्रपति के पास पहुंच चुका है। अब सिर्फ राष्ट्रपति द्वारा की जाने वाली कार्रवाई ही शेष रह गई है। इसी के साथ ही अब पद विरुद्ध भर्ती असिस्टेंट प्रोफेसरों की धड़कने भी तेज हो चुकी हैं। यदि रिपोर्ट इन असिस्टेंट प्रोफेसर के विरुद्ध जाती है तो जल्द ही उन्हें अपना बोरिया बिस्तर समेटकर विवि से जाना होगा।
हालांकि, इस रिपोर्ट को लेकर प्रबंधन किसी भी प्रकार की जानकारी न होने की बात कर रहा है। दल में इलाहबाद हाई कोर्ट के रिटायर जज सखाराम सिंह यादव और उसमानिया विवि हैदराबाद के तत्कालीन कुलपति प्रो. टी तिरुपति राव शामिल थे।
गौरतलब है कि वर्ष 2013 में 78 पद के विरुद्ध 157 असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्तियां हुई थीं। इस मामले में हाई कोर्ट पहले ही आदेश सुना चुका है। इसमें कोर्ट ने नियुक्तियां रद्द करने के आदेश दिए थे। हालांकि, इसके बाद विवि प्रशासन ने इस मामले में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से सलाह मांगी थी। यही वजह है कि राष्ट्रपति ने दो सदस्यी दल को इसकी सच्चाई का पता लगाने विवि भेजा था।
30 जुलाई को पहली बार आई थी टीम
विवि में 2013 में पद विरुद्ध असिस्टेंट प्रोफेसर की फर्जी नियुक्तियों की जांच को लेकर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा गठित की गई दो सदस्यीय टीम 30 जुलाई को विवि पहुंची थी। यहां दल ने कुलपति प्रो. आरपी तिवारी और रजिस्ट्रार कर्नल आरएन जोशी से पूछताछ की थी। दल ने नियुक्ति संबंधी सभी दस्तावेज भी एकत्र किए थे और 15 दिन में इन शिक्षकों को शपथ पत्र जमा करने को कहा था।
28 अगस्त को दूसरी बार आई थी टीम
दो सदस्यी दल दूसरी बार 28 अगस्त को विवि पहुंचा था। दल ने करीब एक घंटे तक विभागवार असिस्टेंट प्रोफेसर्स का प्रिजेंटेशन देखा, इसके बाद हर विभाग को सात मिनट का समय देकर पूछताछ की थी। इस दौरान दल ने सभी असिस्टेंट प्रोफेसर के शपथ पत्र एकत्र किए थे। और 10 सितंबर को यह रिपोर्ट राष्ट्रपति के समक्ष प्रस्तुत करने की बात कही थी। तय मियाद में टीम ने अपनी रिपोर्ट भी सौंप दी है। अब दोषियों पर कार्रवाई उच्च स्तर से होनी है।

Samved Jain
और पढ़े

MP/CG लाइव टीवी

खबरें और लेख पढ़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते हैं। हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned