ख़ौफ:-कोरोना के इलाज के लिए मांग रहे एचआईवी की दवा

-बीएमसी के एआरटी सेंटर का मामला

 

सागर व्यक्ति- सर मुझे एचआईवी की दवा चाहिए।
परामर्शदाता- आपने एचआईवी की जांच कराई है क्या?
व्यक्ति-मुझे एचआईवी नहीं है।
परामर्शदाता-तो किसे है?
व्यक्ति- किसी को नहीं।
परामर्शदाता-फिर किस लिए चाहिए ?
व्यक्ति- सर सुना है एचआईवी की दवा खाने से कोरोना की बीमारी दूर होती है।
परामर्शदाता-नहीं बिल्कुल नहीं।
यह संवाद मेडिकल कॉलेज के एआरटी सेंटर में बीते ५ दिनों के है। हर रोज तीन से चार लोग कोरोना के इलाज के लिए एचआईवी की दवा मांगने पंहुच रहे है। बीते ५ दिनों में करीब २० लोग एचआईवी की दवा मांगने सेंटर पहुंचे हैं।
इस मामले में दिलचस्प बात यह है कि अधिकांश लोगों ने चीन में एचआईवी की दवा का कोरोना में किए जा रहे रिसर्च का हवाला दिया। उनका कहना था कि भारतीय चैनलों पर भी कोरोना के इलाज में एचआईवी की दवा कारगर बताई जा रही है।
-अफवाहों पर ध्यान न दें
एआरटी सेंटर के वरिष्ठ परामर्शदाता अनुपम बोहरे ने बताया कि मरीज कई लोग इस तरह से दवाएं मांगते हैं, लेकिन उन्हें यह बताया जाता है कि कोरोना को लेकर अभी तक कोई दवा भारत में नहीं है। एचआईवी की दवा से कोरोना के इलाज का कोई संबंध नहीं है।खास बात यह है कि जिस एचआईवी सेंटर से लोग दूर भागते हैं। वही स्वस्थ व्यक्ति धड़ल्ले से एचआईवी की दवा मांगने पहुंच रहे हैं। इससे साफ है कि कोरोना की दहशत लोगों में इस कदर है कि वह भ्रम में पड़ने लगे हैं और अफवाहों के मकड़जाल में फंस रहे हैं।

आकाश तिवारी Desk
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