अब इस कोर्स में नहीं युवाओं की दिलचस्पी, नौकरी और न ही सैलेरी अच्छी

बीई में दाखिले के लिए काउंसिलिंग की तारीख १५ जून तय की गई है। इस बार तकनीकी शिक्षा संचालनालय ने आधार नंबर अनिवार्य किया है।

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Published: 07 Jun 2018, 10:39 PM IST

सागर. शहर सहित प्रदेश के तकनीकी संस्थानों में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग १२ जून से शुरू होगी। बीई में दाखिले के लिए काउंसिलिंग की तारीख १५ जून तय की गई है। इस बार तकनीकी शिक्षा संचालनालय ने आधार नंबर अनिवार्य किया है। इसलिए जरूरी है कि आपका आधार अपडेट हो। हालांकि तकनीकी संस्थानों के प्रति अब छात्रों का रुझान कम हो रहा है। खासतौर पर इंजीनियरिंग की सिविल और इलेक्ट्रीकल ब्रांच को छोड़कर बाकी ब्रांच में दिलचस्पी कुछ कम हो रही है। नतीजतन साल-दर-साल या तो संस्थान ही बंद हो रहे हैं या फिर सीटें सरेंडर की जा रही हैं।
इंजीनियरिंग में २००० में ज्यादा क्रेज आईटी सेक्टर में था। १२वीं पास छात्र आईटी से इंजीनियरिंग करते थे। २००४ के बाद आए जॉब्स कम होती गई। तब से इस क्षेत्र में रुझान कम हो गया है। दूसरी ओर सिविल और इलेक्ट्रिकल फील्ड में छात्रों का रुझान बढऩे की बात कही जा रही है। यही वजह है कि शहर के सरकारी व निजी कॉलेजों में इन ब्रांच की सीटें सबसे पहले भरती हैं।
अब बचे १८६ संस्थान
जानकारी के अनुसार प्रदेश में सत्र २०१२-१३ में २२६ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी संस्थान थे। यूजी की सीटें भी ९९ हजार से ज्यादा थीं। अब २०१८-१९ में प्रवेश के लिए १८६ संस्थान ही बचे हैं। सीटें भी सिमटकर ७८,८५३ बची हैं। यही वजह है कि सीटें कम होने से छात्र-छात्राओं के नामांकन की संख्या भी घटी है। प्रदेश में इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी कोर्स (यूजी) में २०१२-१३ में जहां ४६,८४४ लड़के और १७,९२१ लड़कियों के नामांकन हुए थे, वहीं २०१७-१८ तक यह आंकड़ा कम होते-होते क्रमश: २९,११६ और ६,७२२ पर आ गया।
हालांकि अभी इलेक्ट्रिकल और सिविल ब्रांच में
पूछपरख बरकरार
यह है वजह
विशेषज्ञों की मानें तो इंजीनियरिंग के प्रति छात्रों का रुझान घटने की वजह रोजगार के मौके कम होना है। लाखों रुपए खर्च कर पढ़ाई के बाद भी अब अच्छे सैलेरी पैकेज की गारंटी नहीं रही। संभवत: यही वजह है कि १२वीं के बाद छात्र बैंकिंग, फाइनेंस, कॉमर्स, फार्मा, मेडिकल, डेयरी साइंस, रोबोटिक साइंस, नैनो टेक्नोलॉजी, स्पेस साइंस, एनिमेशन डिजाइन, फैशन डिजाइनिंग, सिविल सेवा आदि क्षेत्रों का रुख कर रहे हैं।
सागर में भी असर
२०१२-१३ और २०१४-१५ सत्र से दो कॉलेजों ने आईटी (यूजी) ब्रांच की फस्र्ट शिफ्ट बंद की। इसके बाद एक और संस्थान ने २०१५-१६ में इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग कोर्स में फस्र्ट शिफ्ट में प्रवेश नहीं दिया। इन तकनीकी कोर्स के बीच २०१४-१५ में फार्मास्युटिकल एनालिसिस कोर्स की पीजी की फस्र्ट शिफ्ट और २०१५-१६ में एमसीए में सम्बंधित संस्थान में प्रवेश बंद रहा।

प्रदेश में नामांकन (यूजी) की स्थिति
वर्ष मेल फीमेल
२०१२-१३ ४६,८४४ १७,९२१
२०१३-१४ ४६,५७६ ९,९३४
२०१४-१५ ३८,९३९ ८,०८४
२०१५-१६ ३६,९४० ८,२२१
२०१६-१७ ३१,६७३ ७,३७५
२०१७-१८ २९,११६ ६,७२२
(स्रोत : एआइसीटीइ, डीटीइएमपी)
प्रमुख कोर्स में प्रवेश के लिए काउंसिलिंग
कोर्स तारीख
इंजीनियरिंग डिप्लोमा १२ जून
नॉन पीपीटी डिप्लोमा १५ जून
बीई (फुल टाइम) १५ जून
बीई (पार्ट टाइम) २४ जून
बी/डी फार्मेसी १८ जून
एमबीए २७ जून
एमसीए २८ जून
एम फार्मेसी ३० जून
(विस्तृत जानकारी dte.mponline.gov.in और dtempcounselling.org से प्राप्त की जा सकती है)

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