टेक्निकल ट्रेड में कॅरियर बनाने के मौके, लड़कियों का बढ़ा रुझान

टेक्निकल ट्रेड में कॅरियर बनाने के मौके, लड़कियों का बढ़ा रुझान

Govind Prasad Agnihotri | Publish: Sep, 07 2018 12:02:02 PM (IST) Sagar, Madhya Pradesh, India

शहर के तकनीकी संस्थानों छात्राओं की है 50 फीसदी हिस्सेदारी

रेशु जैन . सागर. शहर में बेटियां ( लड़कियां) अब घरों की चार दिवारी में कैद नहीं हैं, बल्कि तकनीकी शिक्षा लेकर मैकेनिकल, ऑटोमोबाइल और कंप्यूटर इंजीनिरिंग के क्षेत्र में भी काम कर रही हंै। बड़ी-बड़ी कंपनियों में मशीनरी का काम करने में इन्हें कोई झिझक नहीं है। शहर के शासकीय और निजी इंजीनिरिंग कॉलेज, पॉलीटेक्निक और आइटीआई में पढऩे वाली लड़कियों की संख्या में इजाफा हुआ है। यहां बेटों (लड़कों) की बराबरी के साथ 50 फीसदी छात्राएं भी दाखिला ले रही हैं। यही नहीं जॉब के लिए दिल्ली, मुंबई, पुणे सहित अन्य महानगरों में रूख कर रही हैं। पत्रिका ऐसी ही टेक्निकल फील्ड में पढ़ाई या जॉब कर रही बेटियों से आपको रूबरू करा रहा है।

मशीनरी काम से बढ़ा आत्मविश्वास
महिला आईटीआई में इलेक्ट्रॉनिक मैकेनिक में लड़कियों की संख्या बढ़ी है। यहां गरीब परिवारों की बच्चियां भी पढ़ रही हैं। वे मशीनरी काम कर रही हैं। यहां से प्लेसमेंट के लिए इन्हें जयपुर, भोपाल, पुणे में कंपनियों में भेजा जा रहा है। यहां पर इस ट्रेड की 21 सीट हैं, जिन पर दाखिले हो चुके हैं। छात्रा डॉली यादव और निकिता तोमर ने बताया कि उन्होंने रुचि के अनुसार इस फील्ड को चुना है। वे तकनीशियन के तौर पर काम करना चाहती हैं। अभी मशीनरी का काम सीख रही हैं। उन्होंने बताया कि यहां आकर आत्मविश्वास बढ़ा है। सामान्य शिक्षा ही लड़कियों के लिए नहीं है, हम भी यहां कॅरियर बना सकते हैं।

ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में इन्हें नहीं है झिझक
ऑटोमोबाइल इंडस्ट्रीज में लड़कियों का रूझान देखा जा रहा है। मैकेनिकल इंजीनियरिंग करने के बाद प्रिया सिघ एक नीजी ऑटोमोबाइल कंपनी में अंबाला में काम कर रही है। उन्होंने शहर के ही एक निजी कॉलेज से पढ़ाई की। प्रिया ने बताया कि मशीनरी काम पसंद है। बीई मैकेनिकल इंजीनियरिंग से की और इसके बाद एमबीए किया। हाल ही में ऑटोमोबाइल कंपनी में चयन हुआ है, यहां मैकेनिकल से जुड़े कामकाम कर रही हूं।

अब शहर को स्मार्ट बनाने में रहेगा योगदान
इंजीनियर प्रिया जैन का हाल ही में नगरीय विकास प्राधिकरण में चयन हुआ है। सागर में ही ये सब इंजीनियरिंग के पद पर हैं। उनका चयन वर्ष 2017 में आयोजित इंजीनियर परीक्षा में हुआ। प्रिया ने बताया कि बीई सीविल इंजीनियरिंग से किया। आने वाले समय में सागर शहर को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए काम करूंगी। यहां विकास के कार्यों में योगदान रहेगा। स्मार्ट सिटी के लिए विभिन्न नक्सों को बनाने का अवसर मिलेगा।

फैक्ट फाइल
इंजीनयरिंग निजी कॉलेज - 6 (1800 सीट)
शासकीय कॉलेज - 1 (270 सीट)
आईटीआई - 1
महिलाआईटीआई - 1
आईटीआई विंग - 28
पॉलीटेक्निक कॉलेज - 1

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