अस्थि वार्ड में भर्ती मरीजों की 20 घंटे नहीं ली सुध, परिजनों के हंगामे के बाद पहुंचे जिम्मेदार

शिकायत करने पर स्वास्थ्यकर्मी ने किया था परिजनों से दुव्र्यवहार, वार्ड में दर्द से छटपटाते मरीजों को छोड़कर गायब था स्वास्थ्यकर्मी

By: संजय शर्मा

Published: 10 Mar 2019, 07:00 AM IST

सागर. बुंदेलखण्ड मेडिकल कॉलेज में मरीजों के उपचार में कुछ कर्मचारी अब भी लापरवाही बरतने से बाज नहीं आ रहे हैं। शुक्रवार को दीवार गिरने से घायल मजदूर और मालथोन में सड़क दुर्घटना की चपेट में आए ग्रामीणों को भर्ती करने के बाद अस्थि रोग वार्ड का स्टाफ भूल गया। डॉक्टर की सलाह पर मरीजों के प्लास्टर तो कराए गए लेकिन दर्द से बेहाल मरीजों की सुध लेने वार्ड इंचार्ज या नर्सिंग स्टाफ नहीं आया। दर्द से बेहाल मरीज को दवा देने की गुहार लगाते परिजन शुक्रवार देर रात और फिर शनिवार दोपहर भी वार्ड में भटते रहे। शनिवार दोपहर भी स्वास्थ्यकर्मी वार्ड छोड़कर गायब हो गया। नर्सिंग की छात्राएं के बुलाने पर मेल नर्स वापस वार्ड में आया। उसके दुव्र्यवहार करते ही परिजन व वार्ड में मौजूद लोग भड़क गए और हंगामा खड़ा हो गया। सूचना पर मेडिकल कॉलेज के जिम्मेदार वार्ड में पहुंचे और किसी तरह स्थिति को संभाला। इस बीच परिजनों ने वार्ड में ड्यूटी से गायब एवं दुव्र्यवहार करने वाले कर्मचारी की शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। इस दौरान करीब आधे घंटे तक अस्थि वार्ड में गहमागहमी बनी रही।

बीस घंटे नहीं ली मरीजों की सुध

बांदरी के थावरी गांव से रामगोविंद वासुदेव शुक्रवार को मजदूरी करने सदर आया था। वहां काम करते समय दीवार से ईट गिरने से पांव फ्रैक्चर हो गया था। उसे शाम को परिजन व भवन मालिक ने जिला अस्पताल पहुंचाया जहां से उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। कैजुअल्टी में प्राथमिक उपचार के बाद रामगोविंद को अस्थि रोग वार्ड१४ में भर्ती कर दिया गया जहां वह रात भी दर्द से छटपटाता रहा पर कोई देखने तक नहीं आया। एेसी ही अनदेखी मालथौन निवासी वीरेन्द्र अहिरवार की हुई। उसे भी बाइक फिसलने से घायल होने पर लाया गया था। शनिवार सुबह परिजन उसका प्लास्टर कराने के बाद वापस वार्ड में लौटे पर शाम तक भी किसी स्वास्थ्यकर्मी ने नहीं देखा। इस पर परिजनों ने आपत्ति की शाम करीब सवा 4 बजे वार्ड में मौजूद चार युवतियों ने कहा कि वे नर्सिंग की छात्राएं हैं। इंचार्ज नहीं है। इस बीच वहां शोर-शराबा होने लगा, जिसके कुछ देर बाद वार्ड में तैनात स्वास्थ्यकर्मी श्रीकांत शर्मा आ गया। उसने आते ही परिजनों पर रौब जमाना चाहा तो बहस होने लगी। जब परिजनों ने इलाज न होने पर सवाल किया तो श्रीकांत ने पल्ला झाड़ते हुए सुबह तैनात स्वास्थ्यकर्मी की जिम्मेदारी बताई। उसके दुव्र्यवहार व ड्यूटी से पल्ला झाडऩे पर लोग भड़क गए।

लोगों के वीडियो बनाने को बताया नौटंकी

दुव्र्यवहार कर रहे स्वास्थ्यकर्मी का जब लोगों ने वीडियो बनाना शुरू किया तब भी वह नहीं रुका। लगातार वह मरीज के परिजन व अन्य लोगों से अभद्रता करता रहा। वह मेडिकल कॉलेज में मरीजों की अनदेखी पर इस तरह वीडियो बनाकर हंगामा करने की बात को सामान्य घटना बता रहा था। उसका कहना था कि वीडियो बनाने और हंगामा करने से भी उसका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। स्वास्थ्यकर्मी की हठधर्मिता और ड्यूटी से गायब रहने के बाद भी लोगों से दुव्र्यवहार की शिकायत लोगों ने मोबाइल पर बीएमसी प्रबंधन से की तो डॉ.एसपी सिंह वार्ड में पहुंच गए। लोगों ने वार्ड इंचार्ज श्रीकांत के सामने ही डॉ.सिंह को उसके व्यवहार और लापरवाही की शिकायत आवेदन लिखकर की। डॉ.सिंह ने भी वार्ड इंचार्ज को फटकारा और मरीजों के इलाज में कोताही नहीं बरतने की हिदायत दी। इस दौरान दोनों मरीज के परिजनों के अलावा दूसरे मरीजों ने भी स्वास्थ्यकर्मी की लापरवाही व धमकाने की शिकायत की। तब डॉ.सिंह ने उन्हें कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया। इस दौरान आधे घंटे से भी ज्यादा समय तक वार्ड में गहमा-गहमी बनी रही।

संजय शर्मा
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