इस शहर की सुंदरता पर पहले से ही लग गई नजर, टोटके भी नहीं आ रहे काम, पढ़ें 10 महीने का सच

Samved Jain

Publish: Apr, 17 2018 11:24:30 AM (IST)

Sagar, Madhya Pradesh, India
इस शहर की सुंदरता पर पहले से ही लग गई नजर, टोटके भी नहीं आ रहे काम, पढ़ें 10 महीने का सच

स्मार्ट सिटी योजना का काम बेहद धीमी गति

सागर. हीलाहवाली के कारण स्मार्ट सिटी योजना का काम बेहद धीमी गति से चल रहा है। शहर के साथ भोपाल व दिल्ली में बैठे नेता योजना को लेकर वाहवाही तो लूट चुके हैं लेकिन अब तक एक ईंट भी शहर के किसी कोने में नहीं लग पाई है।23 जून २०१७ से लेकर आज तक 10 महीने का समय बीत चुका है, फिर भी कोई खास प्रयास नहीं हुए।


पहले वर्ष में योजना में २०० करोड़ रुपए सागर स्मार्ट सिटी लिमिटेड को मिलने थे लेकिन अब तक सिर्फ २ करोड़ रुपए की राशि ही दी गई है। यही वजह है कि बोर्ड ऑफ डॉयरेक्टर्स भी पिछली मीटिंग में कोई खास निर्णय नहीं ले पाए हैं।


पीएमसी बना हौआ
प्रोजेक्ट मैनेजमेंट कंसल्टेंट्स (पीएमसी) एजेंसी की नियुक्ति की जानी है जिसके तहत 50 विशेषज्ञों की टीम रहेगी। इस एजेंसी के लिए तीसरी बार शॉर्ट टेंडर जारी किया गया है। शुरुआती दो बिड में सिर्फ दो एजेंसियों ने ही संयुक्त रूप से प्रक्रिया में हिस्सा लिया था जिसे नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग भोपाल के अधिकारियों ने निरस्त कर दिया था। पीएमसी की एजेंसी फाइनल होने में कम से कम ३० से ४० दिन का समय और लग सकता है।


अन्य नियुक्तियों के लिए बुलाए टेंडर
पीएमसी की नियुक्ति भोपाल स्तर पर होनी है जबकि स्पेशल पर्पस व्हीकल (एसपीवी) की टीम में शेष नियुक्तियां बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के निर्देश पर सीईओ को करना है। एसपीवी के तहत मुख्य अकाउंटेट समेत करीब ४० नियुक्तियों के लिए एसएससीएल ने टेंडर जारी कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि आने वाले कुछ दिनों में इन पदों पर नियुक्तियां हो जाएंगी।


स्मार्ट सिटी में पीएमसी का पार्ट मुख्य है, इसके लिए शॉर्ट टेंडर फिर से बुलाया गया है। एसपीवी पर भी काम चल रहा है। एक बार नियुक्तियां संबंधी कार्य हो जाए और एसएससीएल के बैंक एकाउंट में पहले वर्ष की राशि आ जाए तो फिर जमीनी स्तर पर कार्य शुरू हो जाएगा। उम्मीद है आगे की प्रक्रिया में अब ज्यादा समय नहीं लगेगा।
अनुराग वर्मा, निगमायुक्त

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