केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्र की खुदकुशी के मामले में खड़े हुए सवाल, इस नजरिए से भी होगी जांच

केंद्रीय विश्वविद्यालय के छात्र की खुदकुशी के मामले में खड़े हुए सवाल, इस नजरिए से भी होगी जांच

सुबह 4 बजे कराया पोस्टमार्टम, कमेटी करेगी जांच, कमरा सील

सागर. डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विवि के मैथ्स विभाग के थर्ड सेमेस्टर का छात्र देवर्ष घर का इकलौता चिराग था। उसके द्वारा शुक्रवार को खुदकुशी किए जाने से परिवार सदमे में है। शुक्रवार को ही हुए बीएमसी में हुए हंगामे के बाद जिला प्रशासन ने सुबह 4 बजे ही शव का पोस्टमार्टम कराया और परिजनों को सौंप दिया। इस दौरान पुलिस बल मौजूद था। उधर, विश्वविद्यालय में भी शनिवार को पुलिस बल तैनात किया गया, ताकि कोई अनहोनी न हो सके। इस मामले में विवि प्रशासन अब छात्र की मौत के मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक कमेटी गठित कर रहा है। कुलपति ने इसके निर्देश भी दे दिए हैं। देवर्ष ने शुक्रवार की शाम हॉस्टल के कमरे में फांसी लगा ली थी। जब विवि के छात्र उसे लेकर बीएमसी पहुंचे तो डॉक्टर से कहासुनी के बाद विवाद हो गया था। बीएमसी के हॉस्टल के छात्र भी आ गए थे। पथराव व हंगामे के बीच पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। कई छात्र व पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
3 दिन बाद परिजनों के सामने खुलेगा कमरा
छात्र ने खुदकुशी क्यों की? इसको लेकर अभी सिर्फ कयास ही लगाए जा रहे हैं। टेगौर हॉस्टल के जिस कमरे में वह रह रहा था उसे सिविल लाइन पुलिस ने शुक्रवार की रात सील कर दिया था। सिविल लाइन टीआई संगीता सिंह के अनुसार परिजनों ने 3 दिन बाद विवि आने की बात कही है। परिजनों के समाने ही कमरा खोला जाएगा।
&घटना दुखद है। छात्र ने यह कदम क्यों उठाया? इसकी निष्पक्ष जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी। विद्यार्थियों पर हुए लाठी चार्ज को लेकर जिला प्रशासन से चर्चा करेंगे।
प्रो. आरपी तिवारी, कुलपति

...तो नहीं बुझता इकलौता चिराग

यहां एक परिजन ने देवर्ष से जुड़ी एक बात पुलिस से सांझा की। एक रिश्तेदार ने बताया कि देवर्ष रीवा के सैनिक स्कूल में पढ़ता था। 8वीं में उसके 80 फीसदी अंक आए थे। लेकिन कक्षा 11वीं में उसका रिजल्ट 49 फीसदी था। इस वजह से उसे सैनिक स्कूल से निकाल दिया गया। इससे वह बुरी तरह टूट चुका था, लेकिन परिवारवालों ने उसे जैसे-तैसे समझाया और कक्षा १२वीं की परीक्षा दिलाई। देवर्ष ने अपनी वापसी भी बेहतर तरीके से की और केंद्रीय विवि में दाखिला पाया था। यदि रिश्तेदार की बात सच मान ली जाए तो ढाई साल बाद फिर देवर्ष उसी दोराहे पर खड़ा था, जहां पहले वह डिप्रेशन में चला गया था। फंदा लगाकर खुदकुशी करने के पीछे यह कारण हो सकता है।


विवि और बीएमसी में रहा पुलिस का पहरा, 300 छात्रों पर केस
छात्रों के आंदोलन की सुगबुगाहट को लेकर टोह लेते रहे अधिकारी
सागर. बीएमसी में उत्पात मचाने और पुलिस पर पथराव करने वाले करीब 300 विद्यार्थियों पर पुलिस ने देर रात अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस पत्थरबाजी करने वाले उत्पातियों की पहचान कर रही है। शुक्रवार रात से शनिवार रात तक भारी पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारी भी बीएमसी और विवि की स्थिति का जायजा लेते रहे। शनिवार को शहर के बड़ा बाजार छात्र संघ के पदाधिकारियों व विद्यार्थियों से मुलाकात के बाद पुलिस अलर्ट हो गई है। शुक्रवार को छात्र अतुल सोनी की शिकायत पर पुलिस ने ग्रीष्मराज पांडे, मुनींद्र, आदित्य, राजेश कोरी, पुष्पेन्द्र सिंह और प्रवीण प्रकाश कुरेचिया पर मारपीट, बलवा का केस दर्ज कर लिया थी। छात्र वैभव यादव को शनिवार को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया। बड़ा बाजार छात्र संघ के संरक्षक नरेन्द्र चौबे ने शनिवार को विवि के छात्रों से मुलाकात कर पुलिस द्वारा बेरहमी से की गई पिटाई के मामले को गृहमंत्री के सामने उठाकर जांच की मांग का आश्वासन दिया है।

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