Test Tubes, Beakers, Funnels खा रहे धूल, कागजों में हो रहा केमिकल लोचा

किसी स्कूल में लैब को स्टोर रूम बना दिया गया तो किसी में वर्षों पुराने उपकरणों से काम चलाया जा रहा है।

By: रेशु जैन

Published: 10 Nov 2017, 07:35 PM IST

सागर. जिले के अधिकतर सरकारी स्कूलों में लैब में रखे उपकरण धूल खा रहे हैं। छात्र-छात्राओं को परीक्षा के समय में लैब में प्रैक्टिकल की केवल खानापूर्ति कराई जा रही है। अधिकांश स्कूल में प्रयोग कागजों में ही करा दिए जाते हैं। पत्रिका टीम ने गुरुवार को शहर के सरकारी स्कूलों का जायजा लिया, इनमें लैब की स्थिति चौका देने वाली मिली। जिन स्कूलों में लैब है उसको स्टोर रूम जैसा इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं ऐसे भी कई स्कूल हैं जहां लैब का ही इंतजाम नहीं है और बच्चे खुले मैदान में प्रैक्टिकल करने को मजबूर हैं। जिले में 106 हायरसेकंडरी और 167 हाईस्कूल हैं। जिनमें से लगभग 100 हाईस्कूल में लैब नहीं है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिन स्कूलों के भवन हैं उन्हीं स्कूल में लैब का इंतजाम है।

इम्मानुएल स्कूल
पीलीकोठी के सामने इम्मानुएल स्कूल में नए सत्र के दौरान विद्यार्थियों के लिए प्रयोग ही नहीं कराए गए। यहां लैब को स्टोर रूम में तब्दील कर दिया है। स्कूल का पूरा वेस्ट मटेरियल प्रयोगिक लैब में रखा गया है, और लैब के उपकरण धूल खा रहे हैं। वहीं प्राचार्य एएम गुप्ता का कहना स्कूल में रिपेरिंग का काम चल रहा है। अतिरिक्त कक्ष न होने की वजह से लैब में सामान रख दिया गया है। जिससे एक सप्ताह के लिए प्रैक्टिकल का काम प्रभावित रहेगा।

एमएलबी स्कूल क्रमांक-1
यहां छात्राओं के लिए फिजिक्स, केमेस्ट्री और बायो लैब का इंतजाम है, लेकिन वर्षों पुराने उपकरणों से काम चलाया जा रहा है। उपकरणों से प्रयोग न होने की वजह से उन पर धूल जमा हो गई है। यहां बायो लैब की स्थिती को छोड़ दिया जाए तो अन्य लैब में धूल जमी है। शिक्षकों का कहना है कि लैब अटेंडर की नियुक्तिन होने की वजह से रखरखाव सही तरीके से नहीं हो पा रहा है। प्रभारी प्रचार्य अरविंद जैन ने बताया कि विज्ञान के सहायक शिक्षक लैब अटेंडर का काम कर रहे हैं। छात्राओं को प्रैक्टिकल कराए जाते हैं।

एमएलबी स्कूल क्रमांक 2
यहां न लैब के लिए कक्ष हैं और न ही पर्याप्त उपकरण। छात्राओं को प्रयोग करने की कोई सुविधा नहीं है। छात्राएं स्कूल के मैदान में कुछ उपकरणों की सहायता से ही प्रयोग करती हैं। यहां कक्षा १२वीं में ७४ और ११ वीं में लगभग ७२ छात्र-छात्राएं हैं। शिक्षिका रश्मि चतुर्वेदी ने बताया कि लैब के लिए स्कूल में कोई इंफ्रास्टक्चर नहीं है। आज छात्राओं के लिए कक्षा में ही चुंबकीय बल रेखा का प्रयोग कराया। छात्रा राधा कुशवाहा और अरसिया ने बताया कि लैब न होने से परेशानी हो रही है। हम कोई भी प्रयोग नहीं कर पाते हैं।

प्रैक्टिकल कराने की व्यवस्था करेंगे
शासकीय स्कूल में प्रयोग के लिए लैब की स्थिति में सुधार किया जा रहा है। एमएलबी स्कूल (क्रमांक एक) और इम्मानुएल स्कूल में लैब का निरीक्षण करके प्रतिदिन प्रैक्टिकल कराने की व्यवस्था की जाएगी। जिन स्कूलों में जो भी कमी होगी उसे पूरा कराएंगे।
संतोष शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी

रेशु जैन Reporting
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