बंद कमरों में भी नश्तर सी चुभती है सर्द हवा, बीमार हुए तो इलाज भी नसीब नहीं

Gulshan Patel

Publish: Dec, 08 2017 11:33:57 (IST)

Sagar, Madhya Pradesh, India
बंद कमरों में भी नश्तर सी चुभती है सर्द हवा, बीमार हुए तो इलाज भी नसीब नहीं

खिड़कियों के फूटे कांच छात्रों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। ऊंचाई होने से रात में ठंडी हवा भी तेज रफ्तार से आती है।

सागर. शासकीय आईटीआई के बालक छात्रावास की खिड़कियों के फूटे कांच छात्रों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। ठंडी हवा से ठिठुरन के बीच बच्चे रात गुजारने के लिए मजबूर हैं। छात्र राजेश, हेमंत शिकरवार, शोभित, कुलदीप राजपूत ने बताया कि जब से यहां आए हैं, तभी से खिड़कियों के कांच टूटे पड़े हैं। गर्मी के मौसम में लू और अब ठंडी हवा से परेशानी हो रही है। ऊंचाई होने से रात में ठंडी हवा भी तेज रफ्तार से आती है, जिससे सभी बच्चों को परेशानी होती है।

तकनीकी छात्र परिषद के संयोजक वीरेंद्र पिंटू बोहरे ने बताया कि आईटीआई कैम्पस में शाम के समय आने वाले असामाजिक तत्वों द्वारा पत्थर मारकर कांच फोड़ दिए गए थे। सुरक्षा व्यवस्था को दृष्टिगत रखते हुए टेंडर हुए थे, लेकिन इस ओर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इससे असामाजिक तत्वों पर लगाम नहीं लग पा रही है। हॉस्टल के कांच फूटे होने से यहां रह रहे 60 से 70 बच्चों के लिए परेशानी हो रही है।

बंद पड़ी है डिस्पेंसरी
आईटीआई में लगभग सात वर्ष पहले डिस्पेंसरी हुआ करती थी, लेकिन अभी यहां प्रशिक्षण ले रहे लगभग 800 बच्चों के लिए इसकी कोई सुविधा नहीं है। कमरे में ताला पड़ा है। अंदर धूल जमी है। बड़ी-बड़ी मशीनों पर काम करने वाले बच्चों के साथ यदि कोई अप्रिय घटना होती है तो उन्हें प्राथमिक उपचार की भी व्यवस्था नहीं है। पहले इस डिस्पेंसरी में दो पट्टीबंधक थे। उनके रिटायर होने के बाद से दोनों पद खाली हैं। इस संबंध में महिला छात्रावास के उद्घाटन के दौरान तकनीकी शिक्षा मंत्री दीपक जोशी को भी छात्र ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन अब तक नियुक्ति नहीं हो सकी है।

मामले में आईटीआई प्राचार्य ओपी विश्वकर्मा ने कहा कि हर साल प्लानिंग के तहत सर्कुलर अमाउंट मंगवाना पड़ता है। इसके तहत काम करवा दिया जाता है। अभी रिनोवेशन में फूटे कांचों को सुधरवाया दिया जाएगा। डिस्पेंसरी के लिए जबलपुर संचालनालय से भर्ती होती है। रिक्त स्थान की जानकारी दे दी गई है। स्टाफ मिलने पर डिस्पेंसरी चालू हो सकेगी।

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