बच्चों को सुनाई जाएंगी दादी-नानी की कहानियां जानिए क्यों लौट रहे स्कूल पुराने रिवाजों पर

sunil lakhera

Publish: Jul, 14 2018 09:57:44 AM (IST)

Sagar, Madhya Pradesh, India
बच्चों को सुनाई जाएंगी दादी-नानी की कहानियां जानिए क्यों लौट रहे स्कूल पुराने रिवाजों पर

हंसी-मजाक वाली कहानियां भी सुनाई जाएंगी

सागर. स्कूलों में बच्चे अवसाद का शिकार न हो इसके लिए अब उन्हें हंसी-मजाक वाली कहानियां भी सुनाई जाएंगी। अब फुल ऑन निक्की (फोन) के जरिए ठहाकों के बीच असली लोगों की असली कहानियां बच्चे सुनेंगे। शो में गाने होंगे और फिल्म कलाकारों द्वारा अच्छे नंबर लाने के टिप्स भी मिलेंगे। शो में एक काल्पनिक आरजे निक्की है, जो इस शो को होस्ट करती है। वह किशोरों की एक दोस्त और गाइड है।
यूनिसेफ के सहयोग से रेडियो शो फुल ऑन निक्की (फोन) तैयार किया है। इसमें कुल 75 एपिसोड शामिल हैं। हर एपिसोड करीब 13 मिनट का है। जिसका मकसद स्कूल स्तर से ही बच्चों की परेशानियों को दूर करना और उन्हें सामाजिक ज्ञान का अनुभव कराना है। इसमें मुख्यत: किशोर अवस्था से संबंधित मुद्दे, शिक्षा, पोषण, जेंडर आधारित हिंसा, बाल विवाह, बेटी बचाओ आदि शामिल हैं। शो में एक काल्पनिक आरजे निक्की है, जो इस शो को होस्ट करती है। वह किशोरों की एक दोस्त और गाइड है।
शिक्षा विभाग बच्चों को प्रेरित और अवसाद से उबारने के लिए मीना के बाद अब निक्की की मदद ले रहा है। प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में अब तक मीना की दुनिया एनीमेशन कहानियों के माध्यम से बच्चों को प्रेरित किया जाता रहा है। पहली बार रेडियो सीरीज स्कूलों में शुरू की जा रही है।
यह है खास
इस रेडियो सीरीज का उपयोग सिर्फ शासकीय स्कूलों में होगा।
बाल सभा में एपिसोड का प्रसारण विद्यार्थियों के सामने होगा।
कार्यक्रम के बाद प्रभारी शिक्षक बच्चों के साथ चर्चा कर उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करें। वह किशोरों की एक दोस्त और गाइड है। यूनिसेफ के सहयोग से रेडियो शो फुल ऑन निक्की तैयार किया है।
कार्यक्रम के प्रसारण के दौरान उपस्थित बच्चों की संख्या, बच्चों द्वारा किए जाने वाले सवालों की सूची, कितने बच्चों ने सवाल किए इनका फीडबैक शामिल करके रिकार्ड बनेगा। पहली बार रेडियो सीरीज स्कूलों में शुरू की जा रही है।

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