कॉलोनियों में चल रहे दो दर्जन से ज्यादा अनाधिकृत हॉस्टल

कॉलोनियों में चल रहे दो दर्जन से ज्यादा अनाधिकृत हॉस्टल
Colony unauthorized hostel

Sanket Shrivastava | Updated: 25 Jun 2018, 10:26:21 AM (IST) Sagar, Madhya Pradesh, India

मकरोनिया नपा और पुलिस बेखबर, आवासीय कॉलोनी और मोहल्लों में हो रहा व्यवसायिक उपयोग

सागर. उपनगरीय क्षेत्र मकरोनिया में अधिकारियों की अनदेखी के चलते कॉलोनियों में दो दर्जन से ज्यादा घरों का उपयोग अनाधिकृत रूप से हॉस्टल के रूप में किया जा रहा है। इसके संबंध में न तो नगर पलिका से अनुमति ली गई है और न ही हॉस्टल में रहने वाले छात्र-छात्राओं की सूचना पुलिस थाने में जमा कराई गई है। कॉलोनियों में अनाधिकृत हॉस्टल होने के कारण रहवासियों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पूर्व में हॉस्टल में छात्रों के बीच होने वाले विवाद की घटनाओं की शिकायतें थाने पहुंची हैं। इन तमाम स्थितियों के बावजूद अब तक उपनगरीय क्षेत्र में हॉस्टल संचालन को लेकर नपा, पुलिस और प्रशासन द्वारा कोई गाइड लाइन तैयार नहीं की गई है।
नपा के लिए नियम
नियमानुसार नगर पालिका प्रशासन अपने क्षेत्र में चल रहे हॉस्टल का व्यवसायिक पंजीयन करता है। इसके तहत इन घरों को संपत्ति कर से मिलने वाली छूट समाप्त हो जाती है और इससे राजस्व बढ़ जाता है, लेकिन नपा का इस ओर कोई ध्यान ही नहीं है।
यहां संचालित हो रहे अवैध हॉस्टल
मकरोनिया में केवल तीन हॉस्टल के संचालन की सूचना और उनमें रहने वाले छात्र-छात्राओं की जानकारी पुलिस थाने को दी गई है। अन्य स्थानों पर मुनाफे के लिए घरों का उपयोग हॉस्टल के रूप में किया जा रहा है। दीनदयालनगर, लक्ष्मीनगर, नेहानगर, सद्भावना नगर, अंकुर कॉलोनी, विद्यापुरम, गौर नगर, रामलला वार्ड गायत्री नगर और नई मकरोनिया और बहेरिया में करीब दो दर्जन घोषित-अघोषित हॉस्टल चल रहे हैं। हॉस्टल में बदले गए घरों के कमरों में 6 से 25 छात्र-छात्राएं रहते हैं। अपने परिजन और शहर से दूर किराए से रहने वाले विद्यार्थियों में सबसे ज्यादा संख्या इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वालों की है।
पुलिस को अब आई वेरिफिकेशन की सुध
छात्राओं को किराएदार रखने की जानकारी थाने में जमा नहीं कराने को लेकर पुलिस भी चिंतित है। नपा द्वारा घरों में चल रहे हॉस्टल की पड़ताल कर सूची तैयार नहीं करने से पुलिस के पास भी इसका अधिकृत डाटा उपलब्ध नहीं है। पूर्व में हॉस्टल में रहने वाले छात्र-छात्राओं के बीच विवाद और आपराधिक मामलों को देखते हुए पुलिस अब उनके वेरिफिकेशन की तैयारी कर रही है। सीएसपी ने थाना क्षेत्र के हर घोषित-अघोषित छात्रावास की जानकारी जुटाकर उनमें रहने वाले विद्यार्थियों का सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं।
- हॉस्टल या घरों में विद्यार्थियों को किराए से रखने वालों को जानकारी थाने में जमा कराने के निर्देश दिए हैं। यदि वे एेसा नहीं कराते तो उनके विरुद्ध कार्रवाई करेंगे। अब तक केवल दो-तीन हॉस्टल संचालकों की ओर से ही जानकारी उपलब्ध कराई गई है।
रवि सिंह चौहान, सीएसपी मकरोनिया
- नपा अधिनियम में हॉस्टल के अलग से पंजीयन का नियम नहीं है। केवल एेसे मकान मालिकों को संपत्ति कर में मिलने वाली छूट से बाहर किया जाता है। नपा क्षेत्र में संचालित हॉस्टल या विद्यार्थियों को किराएदार रखने वाले भवनों की कोई जानकारी नपा के पास नहीं है। रामचरण अहिरवार, सीएमओ, नपा मकरोनिया

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