innovation : टी पार्टी से पुलिस वाले दूर कर रहे tension, दोहे-चौपाइयों से समझ रहे ipc sections

innovation : टी पार्टी से पुलिस वाले दूर कर रहे tension, दोहे-चौपाइयों से समझ रहे ipc sections

Sanjay Sharma | Publish: Nov, 14 2017 08:16:05 PM (IST) Sagar, Madhya Pradesh, India

कभी पुलिसकर्मी की सालगिरह सेलिब्रेट हो रही है। जिले के दूसरे थानों में भी सोशल पुलिसिंग को लेकर नए कार्यक्रम शुरू किए हैं।

सागर. इन दिनों जिले के थानों में प्रयोग किए जा रहे हैं। कहीं क्लास लगाकर रामायण के दोहे-चौपाइयों से धाराएं व कार्रवाई सिखाई जा रही है तो एक थाने में "टी पार्टी" ने तनाव भरे माहौल को हल्का कर दिया है। जिले के छोर पर स्थित एक अन्य प्रमुख थाने में कभी जन्मदिन तो कभी पुलिसकर्मी की सालगिरह सेलिब्रेट हो रही है। जिले के दूसरे थानों में भी सोशल पुलिसिंग को लेकर नए कार्यक्रम शुरू किए हैं। किस थाने में पुलिसकर्मियों के साथ कैसे सामंजस्य बैठाकर काम कर रहा है इसकी निगरानी एसपी सत्येन्द्र कुमार शुक्ल स्वयं कर रहे हैं। इसके लिए एक वाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया है।

चौपाई का संदर्भ देकर समझाइश
पद्माकर नगर थाने में टीआई बीएम द्विवेदी रामायण से नवाचार कर रहे हैं। थाने में सुबह गणना से पहले 10 बजे पुलिसकर्मियों की क्लास शुरू हो जाती है। टीआई आईपीसी की धारा को रामायण की चौपाई का संदर्भ लेकर समझाते हैं। आत्मरक्षा के लिए कानून के प्रावधान को टीआई अशोक वाटिका में उपद्रव के बाद रावण के साथ हनुमानजी का संवाद 'जिन्ह मोहि मारा, ते मैं मारे, तेहि पर बांधेऊ तनय तुम्हारे" सुनाया। चौपाई का भावार्थ बताते हुए उन्होंने कहा हर व्यक्ति को कानून में आत्मरक्षा का अधिकार है। अपने जीवन को बचाने के दौरान कोई जख्मी होता है तो यह अपराध की श्रेणी में नहीं आता लेकिन यह साबित होना चाहिए।

यहां भी हो रहे नए प्रयोग
थाना कोतवाली
टीआई एसपीएस परिहार थाने में पुलिसकर्मियों से व्यक्तिगत संवाद स्थापित करने के बाद क्षेत्र में उतरते हैं। पुलिसकर्मियों के साथ टीआई कभी बाजार में दुकानदारों से उनकी सलाह मांगते हैं तो कभी लोगों से सुरक्षा और गश्त को लेकर मशविरा करते हैं। आपसी प्रतिद्वंदिता खत्म होते ही थाने में पुराने मामलों को लेकर बना दबाव आपसी सामंजस्य से कम होने लगा है।

थाना गढ़ाकोटा
टीआई आरएन तिवारी सोशल पुलिसिंग के लिए पहले से ही मुहिम चला रहे हैं। छह माह से थाना क्षेत्र के अधिकांश गांव में वे सामाजिक कार्यकर्ता की तरह अपराध मुक्त यात्रा लेकर चौपालों पर ग्रामीणों से चर्चा कर चुके हैं। वे थाने में पुलिसकर्मियों के साथ काम के बाद हंसी-ठिठोली करते हैं और इस बीच उनके दुख-दर्द भी बांटते हैं, साथ ही स्कूलों में भी बच्चों को कानून की शिक्षा दे रहे हैं।

शादी की सालगिरह का सेलिब्रेशन भी
नवाचारों के क्रम में राहतगढ़ टीआई अनिल ङ्क्षसह के प्रयास चर्चा में राहतगढ़ थाने में पहले पुलिसकर्मी दबाव और तनाव में नजर आते थे लेकिन अब यहां ट्रेंड बदला सा है। थाने में रविवार सुबह ८.३० बजे टी पार्टी होती है। पुलिसकर्मी यहां एक साथ मिल-बैठते हैं। चाय पर सप्ताह भर की गतिविधियों के अलावा व्यक्तिगत चर्चाएं भी होती हैं। टीआई सिंह का कहना है थाने में पुलिसकर्मियों ने जिम्मेदारियों को बांट कर स्वयं ही ड्यूटी का दबाव भी कम कर लिया है। उधर, बीना में टीआई आलोक सिंह परिहार ने बर्थ-डे व एनीवर्सरी सेलिब्रेशन के साथ ही क्रिकेट का फंडा अपनाया है। थाने से ड्यूटी से पहले क्रिकेट का रोमांच पुलिस में टीम भावना ला रहा है तो शाम को पुलिसकर्मी केक काटकर जो सेलिब्रेट करते हैं उससे रिश्ते सुधार रहे हैं।

क्राइम मीटिंग में जनता और पुलिस के बीच कम्युनिकेशन गैप की स्थिति को देखते हुए सोशल पुलिसिंग व पुलिस पर लोगों का भरोसा बढ़ाने के निर्देश दिए थे। वाट्सएप ग्रुप पर थानों की गतिविधियां शेयर की जा रही हैं। बेहतर और पब्लिक कनेक्ट करने वाले नवाचारों के लिए संबंधित थानों को प्रोत्साहित भी किया जाएगा।
-सत्येन्द्र कुमार शुक्ल, एसपी सागर

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