घुटनों-घुटनों कीचड़ से निकलने के बाद पहुंच पाए श्मशान घाट, शेड न होने के कारण हुई परेशानी

ग्रामीण क्षेत्रों की स्थिति

By: sachendra tiwari

Updated: 02 Sep 2020, 08:57 PM IST

बीना. ग्राम पंचायत लहरावदा के ग्राम देवराजी में अस्थाई श्मशान घाट जाने के लिए पक्की सड़क न होने के कारण लोगों को घुटनों-घुटनों कीचड़ में से अर्थी लेकर जाना पड़ा। साथ ही श्मशान घाट में शेड भी नहीं बनाया गया है। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने अधिकारियों से कर सड़क और शेड निर्माण की मांग की है।
मिली जानकारी के अनुसार ग्राम में श्मशान घाट के लिए चिंहित आधा एकड़ जमीन पर कब्जा है और लोग अस्थाई रूप से दूसरी जगह अंतिम संस्कार करते हैं और वहां तक पहुंचने के लिए पक्का रास्ता न होने के कारण लोग घुटनों-घुटनों कीचड़ से होकर जाते हैं। साथ ही श्मशान घाट में शेड न होने के कारण बारिश में अंतिम संस्कार भी नहीं कर पाते हैं और बारिश रुकने का इंतजार करना पड़ता है। ग्राम के उदयसिंह लोधी की शवयात्रा में ले जाने के लिए लोगों को कीचड़ से होकर जाना पड़ा और वहां शेड न होने अंतिम संस्कार करने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बारिश के मौसम में इसी तरह परेशानियों के बीच अंतिम संस्कार करना पड़ता है। इसके बाद भी अधिकारियों द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
सीमांकन होने के बाद भी नहीं हटाया अतिक्रमण
जो जगह श्मशान घाट बनाने के लिए चिंहित की गई है उसका सीमांकन ५ जून १९ में आरआइ, पटवारी द्वारा कराया गया था। सीमांकन के दौरान यहां तीन लोगों का कब्जा पाया गया था, लेकिन अभी तक कब्जा नहीं हटाया गया है। यहां जाने के लिए भी कोई पक्का रास्ता नहीं है। साथ ही अस्थाई जगह पर जहां ग्रामीण अंतिम संस्कार कर रहे हैं वहां हाइटेंशन लाइन निकली है और जगह भी बहुत कम है, इसलिए वहां शेड नहीं बन पाया है।
क्षेत्र में कई जगह है ऐसी स्थिति
ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश श्मशान घाट की जमीनों पर अतिक्रमण होने के कारण हर जगह बारिश में ऐसी ही स्थिति बनती है। न तो यहां शेड बनाए गए हैं और न ही वहां पहुंचने के लिए रास्ता है। मनरेगा से शेड स्वीकृत होने के बाद भी शेड तैयार नहीं हो पा रहे हैं।
कब्जा न हटने से बन रही समस्या
श्मशान घाट की जगह पर कब्जा न हटने के कारण यह परेशानी बनी हुई है। वर्तमान में जहां लोग अंतिम संस्कार कर रहे हैं वहां व्यवस्था करने के लिए सचिव से बोला गया है कि जल्द ही वहां व्यवस्था की कराई जाए।
आशीष जोशी, सीइओ, जनपद पंचायत, बीना

sachendra tiwari Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned