विश्वास नहीं होता अॉटो चालक भी एेसा कर सकते हैें

ऑटो रोकने यात्रियों को जबरन उतारा, सड़क पर सामान घसीटते दिखे मुसाफिर, बच्चे-बूढ़े हुए परेशान

सागर. ऑटो रिक्शा खरीदी में एजेंसी संचालक द्वारा अतिरिक्त राशि वसूले जाने का विरोध कर रहे ऑटो चालकों की हड़ताल की परेशानी आम जनता को झेलना पड़ी। हड़ताली ऑटो चालकों ने शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन से दूरी बना रहे ऑटो चालकों कोभी वाहन चलाने से रोका और सवारियों के साथ दुव्र्यवहार किया।
प्रदर्शनकारी ऑटो चालकों ने दीनदयाल चौराहे पर सवारियों को जबरदस्ती उतरवाया, जिससे महिलाओं-बच्चों सहित बुजुर्ग दिक्कतों का शिकार हुए। आरटीओ द्वारा एजेंसी का ट्रेड लाइसेंस निरस्त करने के बावजूद ऑटो चालकों के शक्ति प्रदर्शन के कारण शुक्रवार को स्कूली बच्चे स्कूल आ-जा नहीं सके।
अध्यक्ष ने साथियों को नहीं रोका
ए जेंसी की मनमानी व अपने साथ हुए अन्याय के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे ऑटो यूनियन के कुछ सदस्यों ने निर्दोष सवारियों व हड़ताल से दूरी बनाने वाले ऑटो चालकों के साथ गलत व्यवहार किया। यूनियन अध्यक्ष पप्पू तिवारी ने जबरदस्ती कर रहे अपने साथियों को रोका तक नहीं वहीं धरने के बाद सभा को संबोधित कर रहे समाजवादी चिंतक रघु ठाकुर, ज्ञापन लेने पहुंचे तहसीलदार डॉ.अजेन्द्र नाथ , सीएसपी रविङ्क्षसह चौहान भी इससे अनजान बने रहे।
आरटीओ की कार्रवाई से नहीं हुए संतुष्ट
एक ऑटो चालक ने दस दिन पहले आरटीओ प्रदीप कुमार
शर्मा को आवेदन सौंपकर ऑटो खरीदने के दौरान एजेंसी द्वारा अधिक राशि लेकर धोखाधड़ी का आरोप लगाया था। शिकायत के बाद कुछ ऑटो चालक भी आरटीओ ऑफिस पहुंचे थे। इसके बाद आरटीओ शर्मा ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए एजेंसी का टे्रड लाइसेंस निलंबित कर दिया था। इसके बाद भी ऑटो चालकों की अगुवाई करते हुए यूनियन अध्यक्ष पप्पू तिवारी ने शुक्रवार को हड़ताल करा दी।
वाहनों की चाबी निकाल सवारियों
को उतार दिया
शुक्रवार को दोपहर तक हड़ताल का असर न दिखने से यूनियन अध्यक्ष पप्पू तिवारी के कहने पर प्रदर्शन में शामिल कुछ ऑटो चालकों ने सवारी लेकर आ-जा रहे ऑटो चालकों के साथ बहस करते हुए चाबी निकाल ली और सवारियों को सड़क पर उतार दिया। बस स्टैंड के बाहर प्रदर्शनकारी ऑटो चालकों की दबंगई के कारण बाहर से आ रहे लोग घबरा गए और अंत में महिला, वृद्ध और बच्चों को वजनदार सामान सड़क पर घसीटते हुए या खींचते हुए ले जाना पड़ा।
ऑटो खरीदने वाले चालक की शिकायत को देखते हुए गुरुवार को ही ट्रेड लाइसेंस निलंबित कर दिया है। जांच पूरी होने तक एजेंसी का लाइसेंस निलंबित रहेगा। कार्रवाई होने के बाद भी ऑटो चालकों ने हड़ताल कर लोगों को असुविधा पहुंचाई है तो यह गलत है। प्रदीप कुमार शर्मा, आरटीओ
ऑटो एजेंसी ने हजारों रुपए ज्यादा लेकर अन्याय किया है, हम उसका विरोध कर रहे हैं। एक दिन पहले सभी ने हड़ताल में शामिल होने की सहमति दी थी। यदि कोई हड़ताल में शामिल नहीं होना चाहता तो जबरदस्ती नहीं की जा सकती यह लोकतंत्र है। पप्पू तिवारी, अध्यक्ष ऑटो यूनियन

शशिकांत धिमोले Reporting
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