पीजी की मान्यता के आवेदन निरस्त होने पर दिल्ली पहुंचे डीन

तीन आपत्तियों का दस्तावेज सहित दिया जवाब, कमेटी ने वापस लिया निर्णय

 

By: Satish Likhariya

Published: 18 Dec 2018, 06:02 AM IST

आकाश तिवारी. सागर. बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) के डीन दिल्ली में एमसीआई कमेटी के सामने पेश हुए। यहां उन्होंने एमसीआई द्वारा दिए गए नोटिस का सिलसिलेवार जवाब दिया। बता दें कि एमसीआई ने पीजी की मान्यता संबधी प्रबंधन को एक नोटिस भेजा था। इस नोटिस में बीएमसी द्वारा भेजे गए सारे फार्म रिजेक्ट किए जाने की बात कही गई थी। इस नोटिस से प्रबंधन भी सकते में आ गया था। हालांकि डीन इस बार से निश्चिंत थे कि उनके द्वारा नियमानुसार पीजी की मान्यता के लिए आवेदन किया था। साथ ही नियमानुसार फीस भी जमा की थी। दिल्ली पहुंचने के बाद उन्होंने कमेटी के समक्ष अपनी बात रखते हुए मान्यता संबंधी सारे दस्तावेज रखे। करीब २ घंटे चली बहस के बाद एमसीआई ने प्रबंधन की प्रक्रिया को सही ठहराया और मान्यता संबंधी प्रक्रिया को क्लीन चिट दी।

अपत्ति 1
एमसीआई की टीम को बुलाने के लिए प्रबंधन ने जीएसटी के साथ शुल्क नहीं किया था जमा। इसके जवाब में डीन डॉ. पटेल ने बताया कि उनके द्वारा ४ विभागों के लिए राशि काफी पहले जमा कर दी थी। वहीं, नए विभाग के लिए उन्होंने शासकीय मेडिकल कॉलेज के अनुसार ही फीस जमा की है। यहां कमेटी द्वारा एक सब्जेक्ट का ४ लाख रुपए मांगा जा रहा था, जो प्रायवेट मेडिकल कॉलेज के लिए निर्धारित है। इस पर कमेटी डीन की बात से सहमत हुई।
आपत्ति 2

माइक्रोबायोलॉजी और पैथोलॉजी की कम्प्लाइंस रिपोर्ट नहीं थी जमा।
इसके जवाब में डीन ने बताया कि उनके द्वारा पूर्व में कम्प्लाइंस रिपोर्ट जमा कर दी थी। डीन ने उसकी एक कॉपी भी कमेटी के समक्ष रखी। उन्होंने बताया कि दोनों विभागों में कम्प्लाइंस रिपोर्ट भेजने के बाद काफी हद तक सुधार भी किया जा चुका है। इस पर कमेटी ने जल्द निरीक्षण कराए जाने की बात कही।

आपत्ति 3
जबलपुर मेडिकल विवि से पीजी के लिए नहीं किया था एफीलेशन। डीन ने इस पर भी सफाई से अपना जवाब दिया। यहां उन्होंने बताया कि १५ विभागों में पीजी की मान्यता २०१९-२० के लिए ली गई है। उन्होंने एफीलेशन संबंधी दस्तावेज भी कमेटी के समक्ष प्रस्तुत किए। पहले बीएमसी ने ९ विभागों के लिए पीजी की २०१८-१९ के लिए अनुमति मांगी थी। उस दौरान अनुमति नहीं मिल पाई थी।
इन विभागों में हो चुका निरीक्षण

पूर्व में एमसीआई की टीम ने बीएमसी के एनाटोमी, फिजियोलॉजी, बायोकेमिस्ट्री और फार्मोक्लॉजी विभाग का निरीक्षण किया है। इन विभागों की कम्प्लाइंस रिपोर्ट भी एमसीआई को जमा हो चुकी है। प्रबंधन की माने तो इनमें मान्यता मिलने की पूरी उम्मीद है। वहीं अन्य विभागों के लिए कमेटी ने डीन को हरी झंडी देते हुए तैयारी रखने को कहा है।

वर्जन
एमसीआई ने पीजी की मान्यता संबंधी सारे आवेदन खारिज कर दिए थे। वहीं, कमेटी के सामने प्रस्तुत होने को कहा था। कमेटी को दस्तावेज सहित जवाब दिया गया है। मान्यता को लेकर कोई अड़चन नहीं है। एमसीआई के निरीक्षण का रास्ता साफ है।

डॉ. जीएस पटेल, डीन

Satish Likhariya Desk
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