डीपीएम मोहना की संदिग्ध मौत की निष्पक्ष जांच की मांग लेकर रिश्तेदार-स्वास्थ्यकर्मी एसपी से मिले

डीपीएम मोहना की संदिग्ध मौत की निष्पक्ष जांच की मांग लेकर रिश्तेदार-स्वास्थ्यकर्मी एसपी से मिले
Demand for fair investigation of DPM Mohana's suspected death

Sanjay Sharma | Publish: Jul, 12 2019 07:00:00 AM (IST) Sagar, Sagar, Madhya Pradesh, India

सात माह की जांच से असंतुष्ट हैं मृतका के रिश्तेदार-स्वास्थ्यकर्मी, सील किए बिना ही कोतवाली ने डाल रखा हैं घर पर अपना ताला

सागर. स्वास्थ्य विभाग की डीपीएम मोहना ठाकुर की संदिग्ध मौत के मामले में कोतवाली पुलिस की जांच से असंतुष्ट रिश्तेदार और स्वास्थ्यकर्मियों ने गुरुवार को एसपी अमित सांघी से मुलाकात कर उनसे निष्पक्ष जांच की मांग की। रिश्तेदार व स्वास्थ्यकर्मियों ने कोतवाली पुलिस द्वारा मोहना के घर पर अपना ताला डालने और जांच के नाम पर कई बार सामान उठाकर ले जाने व सात माह बाद भी विसरा जांच नहीं कराने की भी शिकायत की। स्वास्थ्यकर्मियों के संगठन व रिश्तदार की शिकायत की गंभीरता को देखते हुए एसपी सांघी ने सीएसपी आरडी भारद्वाज को जांच सौंपकर सात दिन में रिपोर्ट तलब की है।

हर स्तर पर लापरवाही या गोलमाल -

डीपीएम मोहना ठाकुर अविवाहित थीं और अपनी मां के निधन के बाद पुरव्याऊ स्थित घर में अकेली रहती थीं। हंसमुख और मिलनसार मोहना ठाकुर के अचानक गायब होने पर सीएमएचओ ऑफिस में हड़कंप मच गया था। स्वास्थ्यकर्मी जब घर पहुंचे तो बाहर ताला लगा मिला। पुलिस पहुंची और ताला तोड़ा तो अंदर कमरे में पलंग पर शव मिला था। मुआयना कर रहे पुलिस अधिकारी ने तब वहां मौजूद लोगों को परिस्थितियां संदिग्ध होने व कमरे में करीब एक लाख रुपए नकद व कुछ जेवर मिलने की जानकारी दी थी। हांलाकि पंचनामा कार्रवाई गुपचुप तरीके से की गई।

मोहना ठाकुर के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सौंपते समय पुलिस ने उसकी चचेरी बहन व बहनोई से हस्ताक्षर कराए लेकिन उन्हें तेरहवीं करने घर में नहीं घुसने दिया। पुलिस मौत संदिग्ध नहीं मान रही फिर भी घर पर स्वयं काबिज बनी हुई है। चाबी मांगने पर मामला जांच में होने और साक्ष्य प्रभावित होने का बहाना बनाकर टाल दिया जाता है। पुलिस अब तक यह भी पड़ताल नहीं कर सकी है कि दिवाली पूजा के लिए मोहना ठाकुर द्वारा जो जेवर बैंक लॉकर से निकाले गए थे उनका क्या हुआ। घर पर ताला लगाने के बाद चाबी लेकर जाने वाला कौन था। रिश्तेदार व संविदा स्वास्थ्य संघ के प्रांतीय संयोजक अमिताभ चौबे, भीष्म दुबे, अनुराग मलैया व अन्य की शिकायत पर एसपी ने सीएसपी आरडी भारद्वाज को मामले की बिंदुवार जांच कर सात दिन में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।

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