बारिश से अब बीमारी का खतरा, रेलवे ट्रैक में भरा पानी, पनप रहे डेंगू के लार्वा

बारिश से अब बीमारी का खतरा, रेलवे ट्रैक में भरा पानी, पनप रहे डेंगू के लार्वा

sunil lakhera | Publish: Sep, 07 2018 01:52:02 PM (IST) Sagar, Madhya Pradesh, India

इन दिनों लगातार हो रही बारिश के कारण पटरियों और उसके आसपास पानी भरे होने से बड़ी संख्या में मच्छर पनप रहे हैं।

आकाश तिवारी . सागर. रेलवे क्षेत्र के दायरे में रह रहे लोगों को डेंगू-मलेरिया की आशंका बनी हुई है। दरअसल, पटरियों के आसपास रहवासी इलाका है। भूतेश्वर रेलवे फाटक और अप्सरा टॉकीज के समीप पटरियों के किनारे बड़ी संख्या में मकान बने हुए हैं। पटरियों के नीचे पानी जमा होने के कारण पानी भरा रहता है। इन दिनों लगातार हो रही बारिश के कारण पटरियों और उसके आसपास पानी भरे होने से बड़ी संख्या में मच्छर पनप रहे हैं। लेकिन इसकी रोकथाम के लिए रेलवे प्रबंधन के पास कोई व्यवस्था नहीं है। उधर, रेलवे के जिम्मेदार अधिकारी इसे सिविल क्षेत्र होना बताकर इसकी जिम्मेदारी नगर निगम पर मढ़ रहे हैं। मच्छरों की रोकथाम न होने से डेंगू की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता है।
अप्सरा टॉकीज के पास से निकला है नाला- 24 नंबर रेलवे फाटक अप्सरा टॉकीज के पास एक नाला निकला है। शहर का सारा पानी इसी नाले से होकर निकलता है। अंडर ब्रिज के बाजू से पटरियों के किनारे एक दर्जन से ज्यादा मकान बने हुए हैं। नाले का पानी इन्हीं मकानों के पास भरा रहता है। इसी इलाके से सबसे ज्यादा डेंगू और मलेरिया से पीडि़त मरीज भी मिलते हैं।
पटरियों में भरा रहता है पानी- रेलवे स्टेशन की पटरियों पर भी बारिश का पानी भरा रहता है। वहीं, प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर तो ड्रेनजे सिस्टम भी नहीं है। एेसे में यहां की एप्रोच रोड के अलावा पार्र्किंग में भी पानी भरा रहता है। यहां भी मच्छरों के पनपने की आशंका रहती है।
उप्रमरे ने दवाओं के छिड़काव की शुरू की प्रक्रिया- रेल मंत्री ने के निर्देश पर उत्तर मध्य रेलवे ने हाल ही में डेंगू-मलेरिया की रोकथाम के लिए पटरियों पर दवाओं के छिड़काव की एक व्यवस्था शुरू की है।
इसके तहत पटरियों पर एक ट्रॉली बैन चलाई जाएगी, जो पटरियों के अलावा किनारों पर दवाओं का छिड़काव शुरू करेगी। इस पर अमल भी शुरू हो चुका है, लेकिन पमरे के पास इस संबंध में कोई पत्र नहीं आया है। यही वजह है कि जबलपुर रेलवे मंडल के दायरे में आने वाले रेलवे स्टेशनों पर इस तरह की गतिविधियां शुरू नहीं हो पा रही हैं।

रेलवे की नहीं नगर निगम की जिम्मेदारी
पटरियों पर दवाओं के छिड़काव को लेकर कोई निर्देश नहीं मिले हैं। जहां तक पटरियों के पास रहने वाले लोगों की बात है तो अधिकांश सिविल एरिया में आता है। इसकी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की है।
नरेंद्र सिंह, स्टेशन प्रबंधक

 

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