गृह निर्माण और सहकारी समितियों पर सख्ती बरतना पड़ा महंगा, उपायुक्त खुद ही घिरे मुसीबत में

उपायुक्त का अपना विभाग ही हो गया खिलाफ में, विभागीय कर्मचारियों की शिकायत के बाद उपायुक्त फोर्स लीव पर, यहां दूसरे ही दिन मुख्यालय ने छीना सरकारी वाहन

 

सागर. सालों से मनमर्जी से चल रहीं सहकारी और गृह निर्माण समितियों के खिलाफ जैसे ही एक्शन लेना शुरू किया गया तो अब अधिकारियों पर ही खतरा मडराने लगा है। सहकारिता उपायुक्त शिव प्रकाश कौशिक ने सागर में अपनी पदस्थापना के बाद सहकारी समितियों द्वारा किए गए फर्जीवाड़े के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। इसके बाद उन्होंने अनियमितता मिलने पर जिले की 7 गृह निर्माण सहकारी समितियों को भी नोटिस जारी कर सख्ती बरनता शुरू कर दिया था। स्थिति यह बनी कि सहकारिता उपायुक्त ने जैसे ही सख्ती से कार्रवाइयां करना शुरू किया तो सबसे पहले उनका अपना ही विभाग खिलाफ में हो गया है।

फोर्स लीव पर गए उपायुक्त
उपायुक्त की कार्यशैली से नाराज कार्यालय का स्टॉफ सबसे पहले उनके खिलाफ में सामने आया है। बीते दिनों की गई शिकायत पर विभागीय अधिकारियों ने भी जांच करने का मन बना लिया और स्थिति यह बनी कि उपायुक्त कौशिक बीते दो दिन से फोर्स लीव पर हैं। इतना ही नहीं यहां फोर्स लीव पर जाने के बाद विभाग के मुख्यालय ने उनको दिया गया सरकारी वाहन भी छीन लिया है। ऐसे में जिले में भ्रमण और अन्य जरूरी कामों पर असर पड़ेगा। सूत्रों की माने तो कौशिक के खिलाफ विभाग के मंत्री तक भी शिकायत पहुंच चुकी है, हालांकि अभी तक खिलाफ में कोई भी प्रमाण नहीं मिले हैं।

शिकायत के बाद लीव पर हूं
मेरे खिलाफ स्टॉफ ने शिकायत की थी, जिसके संबंध में शायद जांच भी होना है। इसलिए मैं दो दिन से अवकाश पर हूं, नहीं तो मेरे ऊपर जांच प्रभावित करने के भी आरोप लग सकते हैं।
शिव प्रकाश कौशिक, उपायुक्त, सहकारिता

ऐसा कोई मामला नहीं है
उपायुक्त के खिलाफ हुई शिकायत की जानकारी है, लेकिन उन्हें विभाग ने लीव पर नहीं भेजा है। ऐसा कोई बड़ा मामला नहीं है फिलहाल।
पीके सिद्धार्थ, संयुक्त आयुक्त, सहकारिता

मदन गोपाल तिवारी
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