देवर्ष सुसाइड केस के सच पर छह माह बाद भी परदा, पिता ने एसपी से लगाई गुहार

विवि के रिसर्च स्कॉलर पर केस दर्ज करने की मांग कर सौंपा आवेदन

By: vishnu soni

Published: 02 Mar 2019, 01:49 PM IST

सागर. केंद्रीय विवि में 14 सितंबर 2018 को टैगोर हॉस्टल के कमरे में बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्र देवर्ष बागरी ने सुसाइड कर ली थी। इसकी ठोस वजह अब तक सामने नहीं आ सकी है। देवर्ष के पिता अजय पाल शुक्रवार को सतना से सागर आए। उन्होंने जांच पूरी नहीं होने और विवि द्वारा भी संवेदनहीनता बरतने पर दु:ख जताया। एसपी को आवेदन सौंपकर जल्द जांच पूरी कर और बेटे को प्रताडि़त करने वाले केंद्रीय विवि के रिसर्च स्कॉलर के विरुद्ध अपराध दर्ज करने की मांग की।
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अजय पाल ने दोपहर में एसपी अमित सांघी से मुलाकात कर आत्महत्या के घटनाक्रम से अवगत कराया। बताया कि बेटे के सहपाठी छात्रों ने तब पुलिस को बयान दर्ज कराते हुए सेमेस्टर परीक्षा के दौरान रिसर्च स्कॉलर अरविंद वर्मा द्वारा कॉपी और मोबाइल छीनकर प्रताडि़त करने की जानकारी दी थी। सिविल लाइन थाने में पुलिस द्वारा उनके बयान भी दर्ज किए गए थे। इसी घटना से दु:खी होकर देवर्ष ने जान दे दी थी। इस मामले में छह महीने बाद भी न तो देवर्ष के मोबाइल का बैकअप हासिल किया जा सका है, न ही साक्ष्य जुटाए गए हैं।

पुलिस बार-बार जांच जारी रहने की बात कहकर टाल देती है। केंद्रीय विवि ने भी आरटीआई के तहत मांगी गई जानकारी में केवल दुखी होकर आत्महत्या की बात कही है। उसमें छात्रों के बयान और प्रताडऩा का कोई उल्लेख नहीं है।

एसपी ने समझाइश देते हुए कार्रवाई का आश्वासन दिया

अजय पाल ने विवि के रिसर्च स्कॉलर के विरुद्ध अपराध पंजीबद्ध करने की मांग की। इस पर एसपी ने उन्हें समझाइश देते हुए जल्द जांच पूरी कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। अजय पाल के अनुसार वे अब तक चार बार जांच के बारे में जानकारी लेने सागर आ चुके हैं, लेकिन उन्हें हर बार टालकर लौटा दिया जाता है।

vishnu soni Reporting
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