संभाग में 18 हजार शिक्षकों की कमी, 100 स्कूल में एक भी नहीं

संभाग में 18 हजार शिक्षकों की कमी, 100 स्कूल में एक भी नहीं

Nitin Sadafal | Publish: May, 18 2018 10:58:23 AM (IST) | Updated: May, 18 2018 10:58:24 AM (IST) Sagar, Madhya Pradesh, India

बेपटरी शिक्षा व्यवस्था, प्राथमिक और मिडिल स्कूल में 1800 शिक्षक अतिशेष

सागर. सरकारी स्कूल शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। संभाग में १८ हजार शिक्षकों की कमी है और जिले में १०० से अधिक स्कूल ऐसे हैं, जहां शिक्षक ही नहीं हैं। इनमें अतिथि शिक्षकों के भरोसे पढ़ाई कराई जाती है। शहर के स्कूलों में शिक्षकों की कमी नहीं है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में शिक्षकों कमी का खामियाजा विद्यार्थियों को उठाना पड़ता है।
अप्रैल में नया शिक्षण सत्र शुरू हुआ था। अब छुट्टी के बाद १५ जून से स्कूल खुलेंगे तो फिर से परेशानी बढ़ेगी।
जून में पिछले वर्ष की तरह ही अतिथि शिक्षकों को ऑनलाइन पद्धति से चुना जाएगा। यदि ऑनलाइन प्रक्रिया से सही समय पर भर्ती नहीं हुई तो पुन: पढ़ाई प्रभावित होगी। सत्र 2017-2018 में ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से अतिथि शिक्षकों की भर्ती होनी थी, लेकिन सत्र के चार माह बाद स्कूलों में शिक्षक पहुंच पाए थे। अतिशेष शिक्षकों की युक्तियुक्तकरण और अतिथि शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो गई थी, लेकिन समय पर शिक्षक स्कूल नहीं पहुंच पाए थे।
जिले में १०० से अधिक ऐसे स्कूल हैं, जहां अतिथि शिक्षकों के भरोसे से पढ़ाई कराई जाती है। लेकिन यहां इनकी नियुक्ति नहीं की गई है। अतिथि शिक्षकों की सेवाएं 28 फरवरी को खत्म कर दी गई हैं। नया सत्र अप्रैल में शुरू हो गया था। अप्रैल में शिक्षकों की कमी रहने की वजह से कक्षाएं लगी ही नहीं। अब जून में फिर अतिथि शिक्षकों की भर्ती ऑनलाइन प्रक्रिया से होगी।

नहीं हो रहा युक्तियुक्तकरण
अतिशेष शिक्षकों की युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पिछले वर्ष दो माह तक चली, लेकिन अतिशेष शिक्षक ग्रामीण स्कूल में नहीं पहुंच सके। पहले यह प्रक्रिया ऑनलाइन हुई तो जिले से २० भृत्य सूची में शामिल हो गए, जिसमें शहर के भी २० भृत्य शामिल थे। ऑनलाइन होने से दावा-आपत्ती के लिए कई बार पोर्टल ही नहीं खुला। ऑनलाइन प्रक्रिया को केंसिल कर दिया गया था।

१०१४१ शिक्षक ही भर्ती किए गए
सागर संभाग में वर्ष 2017-2018 में शिक्षकों की कमी स्कूलों में रही। 18 हजार 841 शिक्षकों की जरूरत होने के बावजूद 10 हजार 141 शिक्षकों की ही भर्ती की गई थी। रिक्त पदों की वजह से स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हुई। यही स्थिति नए सत्र में बन गई है। नए सत्र में १८ हजार शिक्षकों को भर्ती करना होगी। शिक्षक नहीं होने की वजह से स्कूलों में पढ़ाई ठप होगी। जहां शिक्षक के इंतजाम नहीं हैं, वहां एक साथ विद्यार्थियों को बैठाकर पढ़ाई करा दी जाती है। जानकारी के अनुसार संभाग के मॉडल और एक्सीलेंस स्कूल भी अतिथि शिक्षकों के भरोसे चलाए जा रहे हैं। यहां नियमित के साथ अतिथि शिक्षकों की भी कमी है।

जून से फिर होगी मुश्किल
सरकारी स्कूल में १ मई से ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेगा। १५ जून से स्कूल खुलेंगे तो फिर से परेशानी बढ़ेगी। जून में पिछले वर्ष की तरह ही अतिथि शिक्षकों को ऑनलाइन पद्धति से चुना जाएगा। यदि ऑनलाइन प्रक्रिया से सही समय पर भर्ती नहीं हुई तो पुन: पढ़ाई प्रभावित होगी। सत्र 2017-2018 में ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से अतिथि शिक्षकों की भर्ती होनी थी, लेकिन सत्र के चार माह बाद स्कूलों में शिक्षक पहुंच पाए थे।

नहीं है ८ शिक्षक
बीना ब्लॉक के शासकीय स्कूल भानगढ़ में ८ शिक्षकों की कमी है। स्कूल में १६ शिक्षक रहने चाहिए, यहां ८ ही नियमित शिक्षक हैं। ३ अतिथि शिक्षकों को अप्रैल में लाया गया, प्राचार्य संजय ताम्रकार ने बताया कि जून माह में इसे दूर किया जाएगा।

नहीं हुई नियुक्ति
शासकीय हाईस्कूल केरबना में अतिथि शिक्षक की नियुक्ति अप्रैल में नहीं की गई। यहां नए सत्र के पहले दिन अंग्रेजी विषय की पढ़ाई नहीं हुई। स्कूल में अंग्रेजी विषय के लिए अतिथि शिक्षक की नियुक्ति की जाती है इस कारण यहां पढ़ाई प्रभावित हो रही है।

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