अजब-गजब : पिता ने कहा इस दिव्यांग को नहीं बनाएंगे बहू, लड़के ने कोर्ट पहुंचकर रचा लिया विवाह,पढ़ें दिव्यांग से अजब प्रेम की गजब कहानी

अजब-गजब : पिता ने कहा इस दिव्यांग को नहीं बनाएंगे बहू, लड़के ने कोर्ट पहुंचकर रचा लिया विवाह,पढ़ें दिव्यांग से अजब प्रेम की गजब कहानी

Samved Jain | Publish: Apr, 17 2018 01:38:38 PM (IST) Sagar, Madhya Pradesh, India

अजब-गजब : पिता ने कहा इस दिव्यांग को नहीं बनाएंगे बहू, लड़के ने कोर्ट पहुंचकर रचा लिया विवाह,पढ़ें दिव्यांग से अजब प्रेम की गजब कहानी

सागर. किसी भी युवक/युवती की सुंदरता, रंग, रूप, उसकी बनावट और आकर्षण के चलते हुए प्यार के किस्से तो आपने अनेक सुने होंगे, लेकिन अगर किसी युवक का दिल किसी दिव्यांग युवती पर आ जाए और बात सात जन्मों के साथ तक पहुंच जाए तो आश्चर्य होना लाजमी हैं। ऐसे ही अजब प्रेम की गजब कहानी सामने आई है मध्यप्रदेश के सागर जिले में। जहां एक युवक को एक दिव्यांग से प्यार हो जाता है और अब दोनों ने विवाह भी रचा लिया है। मामले में खास बात यह रही कि इस विवाह से लड़के के परिजन बिल्कुल भी खुश नहीं थे। क्योंकि, अंतर्जातीय विवाह के साथ-साथ दिव्यांग का रोड़ा भी बन रहा था, लेकिन तब भी युवक ने प्यार पर भरोसा किया और न्यायालय की शरण में पहुंचकर दिव्यांग को ही अपना हमसफर बना लिया।

 

 

प्रेम में जाति का बंधन आड़े आया तो एक जोड़े ने कोर्ट में शादी कर ली। खुरई तहसील के खिमलासा निवासी इस जोड़े की खास बात यह है कि युवती दोनों पैर से दिव्यांग है, जबकि युवक स्वस्थ है। खिमलासा निवासी सूर्यप्रकाश चौबे मैकेनिक है। गांव के बाजार में वह अक्सर सामान खरीदने जाता रहा है। इस दौरान कई बार उसकी नजर बीए पास स्वाति से मिली। युवती अपने पिता को खाना देने आती थी। स्वाति की हालत देख सूर्यप्रकाश कई बार उसे अपनी बाइक पर बिठा लेता था। बस यहीं से दोनों में पहचान हुई थी।

 

divyang love and marrige

यह सिलसिला 2013 से शुरू हुआ था। इसी बीच एक दिन सूर्यप्रकाश ने स्वाति के सामने जीवन भर उसका साथ देने का प्रस्ताव रखा, जिसे उसने सहर्ष स्वीकार कर लिया। जब दोनों ने यह बात अपने परिजनों को बताई तो अलग-अलग जाति का होने के कारण वे शादी के लिए तैयार नहीं हुए। कुछ दिन तक वह दोनों अपने परिजनों को मनाते रहे। इसमें स्वाति तो अपने परिजनों को मनाने में कामयाब हो गई, लेकिन सूर्य प्रकाश के परिजन जिद पर अड़े रहे। बात बनती न देख दोनों ने कोर्ट मैरिज करने का फैसला किया और सोमवार को स्वाति अपने पिता के साथ सागर आ गई।

 

सूर्यप्रकाश भी यहां पहुंचा और दोनों ने कलेक्टर कोर्ट में प्रभारी अपर कलेक्टर प्रभा श्रीवास्तव की उपस्थिति में शादी कर ली। कोर्ट में मौजूद सभी लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दी। सूर्य प्रकाश के कहा कि वह जीवन भर स्वाती का साथ देगा और खुश रखेगा। स्वाति बीए पास है, जबकि सूर्यप्रकाश कम पढ़ा-लिखा है। वह गांव में ही मैकेनिकी का काम करके 8 हजार रुपए महीना कमाता है। स्वाति ने कहा कि मैं भी घर में कुछ काम करके उनका सहयोग करूंगा।

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