90 फीसदी तक खराब हो चुके थे फेफड़े, फिर भी जीत ली कोरोना से जंग

डॉक्टर बोले, 55 वर्षीय मरीज का इस तरह अपने पैरों पर खड़े होना देखकर मन गर्व से भर गया...

By: Ashtha Awasthi

Updated: 09 Jun 2021, 03:09 PM IST

सागर। संक्रमण ने फेफड़ों को ऐसा जकड़ा कि 90 प्रतिशत हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। ऑक्सीजन लेवल 50 से नीचे आने के बाद भी न तो डॉक्टरों ने हिम्मत हारी न मरीज और उसके परिवार ने हौसला खोया। तीन दिन तक वेंटिलेटर में रखकर उपचार किया गया। अंततः 55 दिन बाद बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज बीना से आया मरीज स्वस्थ्य होकर घर लौट गए।

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बीएमसी की एनेस्थीसिया विभाग की सहायक प्राध्यापक डॉ. शशिबाला चौधरी ने बताया कि बीना के मधुवन स्कूल के पास रहने वाले 55 वर्षीय मरीज का इस तरह अपने पैरों पर खड़े होना देखकर मन गर्व से भर गया। उन्होंने बताया कि कोरोना पॉजिटिव होने पर उन्हें भर्ती कराया गया था। उपचार के दौरान ही सीवियर निमोनिया ने जकड़ लिया।

हालत गंभीर होती गई और बचने की उम्मीद न के बराबर थी। ऐसे में वेंटिलेटर पर रखने का निर्णय लिया गया, जो कारगर रहा। फेफड़ों के 90 फीसदी खराब हो जाने से वे बोल नहीं पाते थे, डॉक्टरों के पहुंचने पर हाथ के इशारे से ठीक होने का संकेत ही देते थे। यही आत्मविश्वास काम आया और कोरोना से जंग जीत गए। डॉ. चौधरी ने बताया कि मरीज 14 अप्रैल को भर्ती हुआ था। 55 दिन चले इलाज के बाद 2 जून को डिस्चार्ज किया।

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