दो दिन से बंद घर में मिला ड्यूटी से गैरहाजिर डीसीएम का शव

हत्या का अंदेशा : शरीर पर चोट के निशान न दिखने पर हृदयाघात का भी अनुमान

By: manish Dubesy

Published: 15 Nov 2018, 02:09 PM IST

सागर. मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में पदस्थ महिला डीसीएम (जिला कम्युनिटी मोबिलाइजर) का शव बुधवार शाम पुरव्याऊ टौरी स्थित उनके घर में मिलने से सनसनी फैल गई। ड्यूटी से दो दिनों से गायब रहने से वरिष्ठ अधिकारियों ने शाम को सहकर्मियों को घर पहुंचाया। दरवाजे पर ताला लगा होने पर पुलिस बुलाकर उसे तोड़ा गया तो अंदर शव पड़ा मिला।
सोमवार रात घर में टाइल्स लगाने वाले दो मजदूरों पर पुलिस को शंका है। पुलिस ने बुधवार रात टाइल्स लगाने वाले मजदूरों, स्वास्थ्यकर्मी और घर में काम करने वाली महिला को थाने बुलाकर पूछताछ की। पुलिस को शव पर चोट के निशान नहीं होने से ह्दयाघात से मौत का अनुमान भी लगा रही है क्योंकि घर में किसी भी तरह के संघर्ष की स्थिति या सामान गायब होने की बात सामने नहीं आई है। लेकिन दरवाजे पर बाहर से ताला लगा होने की बात को लेकर भी पुलिस पड़ताल में जुटी है।
कॉल रिसीव नहीं
होने पर हुइ शंका
सीएमएचओ कार्यालय में पदस्थ डीसीएम (जिला कम्युनिटी मोबिलाइजर) मोहना ठाकुर (५२) मंगलवार व बुधवार को ड्यूटी पर नहीं पहुंची। निर्वाचन कार्यक्रम की व्यस्तता के बावजूद उन्होंने सहकर्मियों और अफसरों ने कॉल भी रिसीव नहीं किए। तब स्वास्थ्यकर्मियों को बुधवार शाम घर भेजा गया और पुलिस बुलाकर ताला तोड़कर देखने पर अंदर शव पड़ा होने की बात पता चली। कोतवाली टीआइ राजेश सिंह बंजारे के अनुसार शव दो दिन पुराना होने से उसमें सडऩ शुरू हो गई थी। चोट के निशान नजर नहीं आने पर फोरेंसिक-फिंगर एक्सपर्ट बुलाकर वहां से सुराग जुटाए। पुलिस ने दरवाजे पर लगे ताले की चाबी की भी तलाश की लेकिन वह नहीं मिली।
मजदूर, कामवाली
बाई से भी पूछताछ
पुलिस को पड़ोसियों ने बताया कि मोहना ठाकुर के पूजा घर में दीपक से आग लग गई थी। वह पूजाघर में टाइल्स लगवा रही थी। उन्होंने मजदूरों को सोमवार रात काम करते देखा था। काम करते समय तेज आवाज पर गाना बजाने पर मोहना ठाकुर ने उन्हें डांटा भी था। जिसके अलगे दिन मंगलवार सुबह ६ बजे घर पर ताला लगा मिला लेकिन मोहना को किसी ने नहीं देखा। पुलिस ने शाम को ही स्वास्थ्यकर्मी गोपाल रैकवार को पूछताछ के लिए थाने बुलाया और उसके बताने पर टाइल्स लगाने गए दोनों मजदूर व मोहना के घर काम करने वाली एक महिला को भी थाने बुलाकर उनसे काफी देर तक पूछताछ की।
मां की देखरेख की खातिर नहीं की थी शादी
जिला कम्युनिटी मोबिलाइजर के पद पर कार्यरत ५२ वर्षीय मोहना ठाकुर धार्मिक स्वभाव की महिला अधिकारी थीं। सीएमएचओ कार्यालय में सभी उनका सम्मान करते थे। उन्होंने अपनी वृद्ध मां की देखरेख की जिम्मेदारी के चलते विवाह नहीं किया था। करीब दो साल पहले मां के देहांत के बाद से वे घर में अकेली ही रह रही थीं।
करीबी रिश्तेदार न होने से उनकी आकस्मिक मृत्यु के बाद गुरुवार को अंतिम संस्कार सहित अन्य कार्यों को लेकर भी असमंजस की स्थिति खड़ी हो गई है। शव बरामद होने की खबर लगने के बाद शाम ७ बजे बड़ी संख्या में स्वास्थ्यकर्मी उनके घर पहुंच गए।

manish Dubesy Desk
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