सागर से बीना तक पैदल आए किसान, रास्ते में छोड़कर चले गए उद्यानिकी विभाग के अधिकारी

कृषक प्रशिक्षण शिविर में शामिल होने गए थे किसान

By: anuj hazari

Published: 27 Feb 2021, 06:31 PM IST

बीना. उद्यानिकी व खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा भोपाल में आयोजित किए गए तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग और सहभ्रमण कार्यक्रम में शामिल करने के लिए बीना से छह किसानों को उद्यानिकी विभाग के अधिकारी अपने वाहन से लेकर गए थे। इसके बाद तीन दिन का प्रशिक्षण एक ही दिन में पूरा कर जब वह वापस आए तो अधिकारी उन्हें भोपाल से सागर तक ही लेकर आए और शुक्रवार की रात में उन्हें सागर में छोड़कर चले गए, जिससे सभी किसान पैदल ही सागर से बीना तक रात करीब डेढ़ बजे पहुंचे।
गौरतलब है कि भोपाल में 25 से 27 फरवरी तक तीन दिवसीय उद्यानिकी व खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा कृषण प्रशिक्षण व सहभ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें बीना ब्लॉक के छह किसानों भगतराज पिता भुजबल (62), नाथूराम पिता लक्ष्मण कुशवाहा (60), गोरेलाल पिता गुमान कुशवाहा (68), हरनाम पिता पंचम कुशवाहा (62), संतोष पिता रामभरोसे राय (48), आत्माराम पिता राधेलाल कुशवाहा (32) निवासी बुखारा को शामिल करने के लिए वाहन से सागर भेजा गया। सभी किसान 25 फरवरी को सागर पहुंचे जहां से उन्हें जिले के अन्य किसानों के साथ भोपाल भेजा गया, वहां से तीन दिवसीय प्रशिक्षण की जगह एक दिन का ही प्रशिक्षण देकर वापस ले आए। इसके बाद जब वह भोपाल से लौटे तो जिले के अन्य जगहों के जो किसान थे उन्हें तो उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने वाहन से घर तक छुड़वाया, लेकिन बीना के सभी छह किसानों के लिए शुक्रवार की रात करीब नौ बजे सागर में खुरई रोड स्थित भाग्योदय अस्पताल के पास छोड़ दिया। जब किसानों ने कहा कि उन्हें बीना तक ले चलो तो अधिकारियों ने कहा कि हमें यहीं तक छोडऩे के आदेश हैं और वह रात में किसानों को उनके हाल पर छोड़कर चले गए। किसानों ने कृषि विभाग के अधिकारी आरएस परिहार से कहा कि किराए व खाने के लिए रुपए नहीं है हमें घर छुड़वा दीजिए, लेकिन उनकी इस बात को उन्होंने अनसुना कर दिया। रात के अंधेरे में किसान रात नौ बजे से भूखे प्यासे सर्दी में ठिठुरते हुए बीना के लिए पैदल चले जो रात करीब एक बजे खुरई पहुंचे यहां पर उन्हें एक ट्रैक्टर-ट्रॉली से एक व्यक्ति ने बीना तक छोड़ा।
विधायक ने कहा संबंधित पर करें कड़ी कार्रवाई
सभी किसान दोपहर करीब एक बजे विधायक कार्यालय पहुंचे और आप बीती विधायक महेश राय को बताई। इसके बाद विधायक ने उप संचालक को फोन करके कहा कि जो किसान सक्षम थे वह तो वापस चले गए, लेकिन गरीब किसान की मजबूरी न देखते हुए उन्हें आधे रास्ते में छोडऩा अमानवीयता है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द से जल्द संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो यह शिकायत सीएम से भी की जाएगी।
जांच कर करेंगे कार्रवाई
जिसने भी किसानों को घर पहुंचाने की बजाए रास्ते में छोड़ा है, उन्हें बख्सा नहीं जाएगा। मुझे इस बात की जानकारी नहीं थी। जांच करेंगे जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शशिकांत रेजा, उपसंचालक उद्यानिकी विभाग, सागर

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