करीब सौ सालों से करते आ रहे खेती अब शासन ने किया बेदखल, पढ़े खबर

परिवार के भरण पोषण के लिए जमीन दिलाने की मांग को लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे ग्रामीण

By: anuj hazari

Published: 07 Jul 2020, 09:00 AM IST

बीना. ब्लॉक के रैयतबारी कंजिया गांव के लोग करीब सौ साल से भी ज्यादा समय से गांव में रहकर राजस्व विभाग की जमीन पर खेती करके परिवार का भरण पोषण करते आ रहे हैं, यह जमीन बंदोबस्त करके वनविभाग को दे दी गई है चूंकि यह जमीन शासकीय है, इसलिए प्रशासन ने जमीन से ग्रामीणों का कब्जा हटा दिया। परेशान ग्रामीणों ने पूर्व जनपद अध्यक्ष के नेतृत्व में परिवार चलाने के लिए जमीन का पट्टा दिलाने की मांग को लेकर एसडीएम अमृता गर्ग के लिए ज्ञापन सौंपा। किसानों ने मांग की है कि रैयतबारी कंजिया में कृषि भूमि पटवारी हल्का नंबर 7 में है, जिसपर पिछले करीब सौ वर्ष से भी ज्यादा समय से पूर्वज काबिज थे और उसी पर किसानी करके परिवार चलाते थे। यह जमीन उपजाऊ नहीं थी साथ ही उबड़-खाबड़ थी जिसपर मेहनत करके उसे कृषि योग्य बनाया और आजीविका का साधन बनाया। इस जमीन को कलेक्टर ने फरवरी 2014 में वन विभाग के सुपुर्द कर दिया, जिसके बाद ग्रामीण भूमिहीन हो गए। अब उनके पास आजीविका चलाने का कोई रास्ता नहीं है। ग्रामीणों ने मांग की है कि नियमानुसार प्रशासन उन्हें कब्जा दिलाएं ताकि वह परिवार का भरण पोषण कर सकें। ग्रामीण राजस्व की भूमि पर काबिज होकर कृषि कार्य करते चले आ रहे हैं, लेकिन वन विभाग को जमीन देने के बाद से वह परेशान हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्या का निराकरण नहीं किया गया तो तहसील परिसर में ही ग्रामीण धरना प्रदर्शन करेंगे और इसकी जिम्मेदारी शासन, प्रशासन की होगी। पट्टा दिलाने की मांग करने वालों में ेहरप्रसाद, बैनीबाई, किशोरी, सकुन, गीता, सुलेखा, बलराम, कमलराम, करोड़े, रनवीर, केशवराम, रामप्रसाद, निरंजन, भगवतसिंह, कनई, अमरसिंह, कमलसिंह, नीलेश, गनेशराम सहित अन्य लोग शामिल हैं।

anuj hazari
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned