शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में दर्जनों जगहों पर जर्जर हो चुके भवनों के गिरने का डर

प्रशासन ने ऐसे भवनों को चिहिंत कर नहीं गिराया, हो सकता है हादसा

By: anuj hazari

Published: 24 Jul 2020, 09:00 AM IST

बीना. शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में पुराने खंडहर हो चुके भवन से खतरा बना हुआ है। शहर में दर्जनों ऐसे खंडहर भवन हैं जो कई वर्ष पुराने हंै और अब यह इतने जर्जर हो चुके हैं कि कभी भी गिर सकते हैं, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। शहर के बीच आबादी में यह सरासर मौत खड़ी है, जिससे प्रशासन वाकिफ होते हुए भी इस मामले में किसी तरह की गंभीरता नहीं दिखा रहा। ऐसे कई मामले बारिश में सामने आते हैं जब तेज हवा या बारिश से भवन गिर जाते हंै और इन पुराने जर्जर हो चुके भवनों को तोडऩा बहुत जरूरी है। शहर के हर वार्ड में दर्जनों ऐसे पुराने भवन हैं जो सीधे मौत को दावत दे रहे हैं। नपा और राजस्व विभाग द्वारा ऐसे किसी भी भवन को गिराया नहीं गया है और ऐसे भवन बड़ी घटना का कारण बन सकते हैं और कभी भी भरभराकर गिर सकते हैं। शहर के मुख्य बाजार बड़ी बजरिया में बीचों बीच एक ऐसा भवन खड़ा है जो बारिश में गिर सकता है, लेकिन इससे न तो भवन मालिक को कोई सरोकार है न ही प्रशासन लोगों को सुरक्षा की दृष्टि से इन्हें गिराने के लिए नोटिस दे रहा है।
यहां मौजूद हैं जर्जर भवन
मंडीबामोरा व खिमलासा में भी शहर के बीचों-बीच जो कई वर्ष पुराने हैं वहीं खिमलासा में तो कई भवन अंग्रेजों के जमाने की बनी हुई हैं और आज कंडम होकर गिरने की कगार पर हैं। खिमलासा की कॉलेज जिस भवन में है वह भवन कभी भी धराशाही हो सकती हैं तो वहीं मंडीबामोरा में भी ऐसे कई भवन हैं जो कि कंडम हालत में हैं, लेकिन उन्हें गिराया नहीं गया है। जिसमें पंचायत भवन, कृषि मंडी की गोदाम, विश्राम गृह, दूसरी लाइन स्थित मकान, मेन मार्केट के कई भवन गिरने की कगार पर हैं।

anuj hazari
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned