पांच सौ अन्नदाताओं ने इच्छा मृत्यु मांगी

किसान हितैषी का दावा करने वाली सरकार में- ०१ से १० जून तक आंदोलन करेगा राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ

By: Samved Jain

Published: 24 May 2018, 03:20 PM IST

सागर. सरकार की गलत नीतियों के कारण देश का किसान कर्जदार हुआ है। फसलों के भाव नहीं मिल रहे हैं और योजनाएं सिर्फ कागजों पर चल रही हैं। किसान हितैषी होने का दावा करने वाली मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार में पांच सौ किसानों ने इच्छा मृत्यु मांगी है। यह आरोप राष्ट्रीय किसान मजूदर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवकुमार शर्मा उर्फ कक्काजी ने लगाए हैं।

वे बुधवार को सागर में १ जून से 10 जून तक होने वाले 'गांव बंद राष्ट्रीय आंदोलनÓ की जानकारी दे रहे थे। पत्रकारवार्ता में उन्होंने कहा कि 15 साल में भाजपा के दौरान किसानों की आत्महत्या का प्रतिशत 43 प्रतिशत बढ़ गया है। कक्काजी ने प्रदेश के मंत्रियों को चुनौती देते हुए कहा कि वे इन 15 वर्षो में सरकार का एक भी किसान हितैषी कार्य गिनाकर बता दें। मुख्यमंत्री ने महज छह हजार घोषणा की है।
उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि चार साल के कार्यकाल में मोदी सरकार ने 28 किसान विरोधी निर्णय लिए हैं, यह पूंजीपतियों की सरकार है। सरकार पाकिस्तान से चीनी मोजाम्बिक से तुअर और ऑस्ट्रेलिया से चना खरीद रही है। ऐसे में किसान दम तोड़ रहे हैं, उसे अपनी फसलों की सही कीमत मिल नहीं रही।

शर्मा ने कहा कि मंदसौर गोली कांड के विरेाध में 1 से 10 जून तक देश व्यापी गांव बंद आंदोलन अहिंसक रूप से चलेगा। इस दौरान गांव से कोई भी व्यक्ति दूध, फल, सब्जी बेचने शहर नहींआएगा। उन्होंने शहर के लोगों से अपील की है कि वे इस अहिंसक बंद को समर्थन देकर जरूरत की वस्तुएं गांव जाकर खरीद सकते हैं।

चरणबद्ध आंदोलन में यह होगा

- १ से १० जून तक गांव बंद
- ६ जून को शहादत दिवस

- ०८ को असहयोग दिवस

- १० जून को भारत बंद होगा

यह हैं प्रमुख मांगें
देश के किसानों को संपूर्ण ऋण मुक्त किया जाए। सभी फसलों पर लागत के आधार पर डेढ़ गुना लाभकारी मूल्य, ५५ वर्ष की आयु से ऊपर के किसानों को पेंशन, मंदसौर कांड के दोषियों को सजा, शहीद किसानों के एक परिजन व घायल किसानों को विकलांग कोटे में नौकरी देने सहित २८ मांग शामिल हैं।

 

Samved Jain
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