एक साथ उठीं चार अर्थियां, पिठौरिया में पसरा सन्नाटा

एक साथ उठीं चार अर्थियां, पिठौरिया में पसरा सन्नाटा

By: हामिद खान

Published: 11 Sep 2017, 09:13 PM IST

बांदरी . रविवार को सेमरा के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से चार महिलाओं की मौत होने के बाद सोमवार को जब शव गांव पहुंंचे तो हर तरफ रोने-बिलखने की आवाज थी, और चारों ओर रूदन हो रहा था। गांव में जब एक साथ चार आर्थियां उठी तो हर कोई फूट-फूटकर रो पड़ा। गांव के शमशान घाट में एक साथ चार अर्थियां जलीं। यह गमगीन दृश्य देख वहां मौजूद हर आंखों से अश्रुधारा बह निकली। आलम यह था कि हादसे की खबर के बाद से सोमवार शाम तक किसी के घर में चूल्हा तक नहीं जला और पूरे गांव में सन्नाटा पसरा रहा। एक साथ चार परिवारों की खुशियां छीन जाने से उनके परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। महिलाएं एक ही मोहल्ले की रहने वाली थीं। सोमवार का दिन पिठौरिया गांव के लोगों के लिए काला दिन साबित हुआ। लोगों ने बताया कि यहां ऐसा मातमी नजारा पहले कभी नहीं देखा।
गौरतलब है कि रविवार को फसल कटाई से लौट रहे आदिवासी मजदूर रविवार शाम सेमरा के पास हादसे का शिकार हो गए। ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से तीन महिलाओं की मौके पर जबकि एक की बीएमसी में मौत हो गई। घायल २४ मजदूरों का मेडिकल कॉलेज में उपचार जारी है।
सभी मजदूर अपने बच्चों के साथ चैनसींग दांगी के खेत से मजदूरी करके लौट रहे थे। ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से के बाद उसमें सवार मजदूरों को संभलने का मौका नहीं मिला और वे नीचे दब गए। इस हादसे में पिठौरिया निवासी चंद्रवती आदिवासी, प्रभा आदिवासी, दीक्षा आदिवासी की मौत हो गई जबकि गंभीर रूप से घायल देववती की मेडीकल कॉलेज में पहुंचने के कुछ देर बाद मौत हो गई थी।
नि:शुल्क इलाज कराने निर्देश
परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने घायलों का इलाज मेडीकल कॉलेज मेें नि:शुल्क इलाज कराने के निर्देश दिए हैं। डॉक्टरों से चर्चा कर घायलों का हालचाल जाना। उधर बांदरी पुलिस ने टै्रक्टर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

घायलों की मदद के लिए जुटे
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अनिल सिंह ठाकुर अपनी टीम के साथ पहुंचे और ट्रैक्टर-ट्राली में फंंसे घायलों को निकलवाकर उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र लाए। डॉयल-100 वाहन के पायलट व आरक्षक राजेंद्र सिंह, पिठौरिया के भरत साहू, सलमान व रोशन ने भी घायलों को बचाने अथक प्रयास किया। जानकारी मिलते ही बीएमओ डॉ.धर्मेन्द्र श्रीवास्तव व डॉ.इरशाद खान तथा अन्य चिकित्सक भी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचे और घायलों के उपचार में जुट गए। पिठौरिया व बांदरी के भी कई लोगों ने घायलों की मदद की।
संकेतिक बोर्ड नहीं लगे होने से घट रहीं घटनाएं
फोरलेन लखनादौन-झांसी राजमार्ग क्रमांक २६ व बांदरी-खुरई मार्ग पर कई प्रमुख स्थानों पर संकेतकों के नहीं होने से हादसे हो रहे हैं। गढ़पहरा, रानीपुरा तिराहा के अलावा बांदरी कस्बा में हाइवे की क्रॉसिंग पर कहीं साइनबोर्ड नहीं लगे हैं। रात्रि में यात्रा करना मुसाफिरों के लिए मुसीबत बने हुए हैं। सडक दुर्घटनाएं रोकने के लिए राजमार्ग विकास प्राधिकरण द्वारा सुरक्षा प्लान बनाया गया है। लेकिन इस प्लान का उपयोग फोरलेन पर नहीं किया जा रहा है। नागरिकों ने संकेतक लगाए जाने व सड़क बने गड्ढों को ठीक करने की मांग की है।

 

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हामिद खान Desk
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