सरकारी भवनों में अब कि तब 'टपका' का डर

बारिश की झड़ी में सामने आई हकीकत: जर्जर भवनों में हादसे की आशंका

By: नितिन सदाफल

Published: 24 Jul 2018, 09:49 AM IST

सागर. बारिश की झड़ी ने सरकारी भवनों की कलई खोलकर रख दी है। जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, कृषि विभाग, नगर निगम, सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय, बिजली कंपनी, बटालियन परिसर का पत्रिका टीम ने सोमवार को जायजा लिया। इसमें हालत बेहद खराब मिले। ज्यादातर में घटिया निर्माण की सामने आया।

जिला अस्पताल: वार्डों में टपक रहा पानी
जिला अस्पताल की ट्रामा यूनिट में कई स्थानों पर सीलिंग से पानी टपक रहा है। सोमवार को वाटर बूथ वाले हिस्से में तो सीलिंग से पानी की धार निकल रही थी। वहीं, दीवारों में भी सीपेज नजर आया। हैरानी की बात यह है कि यह भवन एक साल पहले बनकर तैयार हुआ था, लेकिन इतने कम समय में भवन की हालत जर्जर हो चुकी है। उधर, सीलिंग से पानी टपकने के कारण वार्डों के अंदर भी पानी भरा रहा।

मेडिकल कॉलेज: हड्डी वार्ड के सामने पानी
मेडिकल कॉलेज में भवन के अंदर बने ज्वाइंट से पानी रिस रहा है। ओपीडी के रजिस्ट्रेशन काउंटर के सामने सीलिंग से पानी टपकने के कारण आसपास पानी भर गया था। हड्डी वार्ड के ठीक सामने भी सीलिंग से पानी गिरने की वजह से वार्ड के सामने फर्श पर पानी पड़ा था। एेसे में घायलों को आने-जाने में काफी परेशानी उठानी पड़ी।

स्वास्थ्य केंद्र: चार कमरे, उनमें भी परेशानी
सामुदायिक शहरी स्वास्थ्य केंद्र रजाखेड़ी में ३० बिस्तर वाले अस्पताल की स्थिति गंभीर है। किराए के भवन में संचालित इस अस्पताल में सोमवार को इलाज के लिए पहुंचे मरीजों को खासी दिक्कत हुई। यहां के सभी चार कमरों की सीलिंग से पानी टपकता रहा। दीवारें में भी सीलन थी।

कृषि विभाग: बैनर से ढंके कम्प्यूटर
कृषि उपसंचालक कार्यालय की स्थिति तो यह है कि यहां पर रखे कम्प्यूटर सिस्टम और फाइलों की पोटली बैनर से ढंक दी गई हैं। जिस छत के नीचे बैठकर कर्मचारी काम संभाल रहे हैं, वह कभी भी गिर सकती है। छत से कुछ हिस्से का प्लास्टर तो पहले ही गिर चुका है, वहीं कुछ गिरने के कगार पर है।

यहां भी खराब स्थिति
सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में गैलरी पानी-पानी हो गई। बिजली कंपनी में भी कई जगह बौछारों के कारण आने वाले उपभोक्ताओं को परेशानी हुई। पुलिस भी बारिश के कहर से अछूती नहीं रही। पुलिस लाइन स्थित रक्षित निरीक्षक कार्यालय के रीडर कक्ष में भी पानी टपकता नजर आया।

दरारों से रिस रहा बरसाती पानी, सुना रहा भ्रष्टाचार की कहानी
मकरोनिया में 10 वी बटालियन परिसर स्थित कर्मचारी आवासों में घटिया निर्माण सामने आ गया है। सशस्त्र पुलिस बल के जवानों के लिए पिछले साल आवंटित आवास अब जर्जर हो चले हैं। जानकारी के अनुसार यहां वर्ष 2017 में पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन द्वारा निजी एजेंसी के माध्यम से 120 आवासों का निर्माण कराया गया था। जिनमें से कुछ क्वार्टरों को छोड़कर अन्य सभी कर्मचारियों को आवंटित किए जा चुके हैं। परिसर में मजार के सामने स्थित कर्मचारी आवास तीन मंजिला भवन में हैं जिनमें से सबसे ऊपरी मंजिल में रहने वाले सशस्त्र पुलिस जवानों के परिवार सीलन के कारण परेशान हैं। एक साल में पहली बारिश झेलने के साथ ही कई जगहों से सीमेंट का प्लास्टर बह गया है। कई स्थानों पर प्लास्टर की परतें खुलने से दीवारों में पानी बैठ रहा है।
पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन ने जिस एजेंसी को निर्माण का जिम्मा सौंपा था उसने निगरानी न होने के कारण घटिया सामग्री का उपयोग किया। इसी वजह से जहां बरसात में सीमेंट धुलकर बह रहा है। सरकारी आवासों में लगाए गए खिड़की- दरवाजे भी पहली ही साल में बेहाल हो गए हैं।
बटालियन परिसर में नवीन आवासों में केवल घटिया सामग्री का ही उपयोग नहीं किया गया, निर्माण में तकनीकी खामियां भी बरती गई। यही वजह है कि भवन की छत पर बारिश का पानी भरा रहता है। पानी के छह से बहकर न निकलने से वह ऊपरी मंजिल के आवास की छत से रिस रहा है। पानी के रिसाव को ऊपरी मंजिल के आवास की सीलिंग पर जमी बूंदों के रूप में स्पष्ट देखा जा सकता है।

भवन में प्लास्टर उखडऩे, पानी के रिसाव की शिकायत पर वाटर प्रूफिंग के संबंध में निर्माण कराने वाली पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के अधिकारियों से पत्राचार किया है। पानी खुलने के बाद भवन को दुरुस्त कराया जाएगा
आरएस परिहार, कमाण्डेंट, दसवी बटालियन सागर

नितिन सदाफल Desk
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