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आज से शुरू हो रही आषाढ़ माह की गुप्त नवनात्रि, नौ दिनों तक देवी मंदिरों में होगी विशेष पूजा

नवरात्रि पर गुप्त रूप से साधना करते हैं भक्त सागर. आषाढ़ माह गुप्त नवरात्र शनिवार 6 से शुरू हो रही हैं, जो 15 जुलाई तक रहेंगी। इस बार गुप्त नवरात्र में चतुर्थी तिथि 9 और 10 दोनों दिन रहेगी, इसलिए नवरात्र का एक दिन बढ़ गया है। इस दौरान शहर के देवी मंदिरों और शक्तिपीठों […]

सागरJul 06, 2024 / 01:26 am

Suryakant Pauranik

9 दिनों तक 10 देवियों की विशेष पूजन होगी

9 दिनों तक 10 देवियों की विशेष पूजन होगी

नवरात्रि पर गुप्त रूप से साधना करते हैं भक्त

सागर. आषाढ़ माह गुप्त नवरात्र शनिवार 6 से शुरू हो रही हैं, जो 15 जुलाई तक रहेंगी। इस बार गुप्त नवरात्र में चतुर्थी तिथि 9 और 10 दोनों दिन रहेगी, इसलिए नवरात्र का एक दिन बढ़ गया है। इस दौरान शहर के देवी मंदिरों और शक्तिपीठों में गुप्त साधना की जाएगी। शहर के महाकाली मंदिर में 9 दिनों तक 10 देवियों की विशेष पूजन होगी। यहां मां महाकाली 10 महाविद्या के साथ विराजमान हैं। नवरात्रि में कई शुभ शुभ संगोय भी रहेंगे।
शुभ मुहूर्त में होगी घट स्थापना

पं. नरेंद्र शास्त्री ने बताया कि आषाढ़ महीने के गुप्त नवरात्रि की घट स्थापना का शुभ मुहूर्त 06 जुलाई सुबह 05 बजकर 11 मिनट से लेकर 07 बजकर 26 मिनट तक कर सकते हैं। इस मुहूर्त में कलश स्थापना नहीं कर पाते हैं तो सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक करना चाहिए। इन दो मुहूर्त में कलश स्थापना करना शुभ है।
दस महाविद्याओं की होगी साधना

महाकाली मंदिर के पुजारी संजय अवस्थी ने बताया कि सनातन धर्म में नवरात्रि पर्व प्रमुख पर्वों में से एक माना जाता है। इस पर्व में मां शक्ति की आराधना विधि-विधान से की जाती है। एक वर्ष में कुल मिलाकर चार नवरात्रि आती हैं। जिसमें से दो गुप्त नवरात्रि के अलावा चैत्र और शारदीय नवरात्रि शामिल हैं। चैत्र और शारदीय नवरात्रि में जहां नौ देवियों की विशेष पूजा का प्रावधान है। वहीं गुप्त नवरात्रि में 10 महाविद्या की साधना की जाती है। जिसमें मां काली, मां तारा देवी, मां त्रिपुर सुंदरी, मां भुवनेश्वरी, मां छिन्नमस्ता, मां त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, मां बगलामुखी, मां मातंगी और मां कमला देवी हैं। तांत्रिकों के लिए गुप्त नवरात्रि का महत्व बहुत अधिक होता है। इसमें गुप्त रूप से देवी मां की पूजा की जाती है।

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