कर्मचारी समय पर नहीं देते खाना, क्वालिटी भी खराब, परेशान 125 छात्राओं ने एेसे किया विरोध

ज्ञानोदय आवासीय स्कूल में हो रही मनमानी

By: sunil lakhera

Published: 20 Jul 2018, 10:00 AM IST

सागर. ज्ञानोदय आवासीय स्कूल की 125 छात्राएं गुरुवार को धरने पर बैठ गईं। उनका आरोप था कि हॉस्टल में तैनात कर्मचारी भरपेट खाना नहीं देते हैं। दोपहर 12 बजे धरने पर बैठीं छात्राओं से मिलने महिला थाना टीआई रीता सिंह सबसे पहले मौके पर पहुंचीं। उन्हें छात्राओं ने ही निर्भया हेल्पलाइन पर फोन करके बुलाया था।
अचानक हुए इस घटनाक्रम से अधिकारी हरकत में आ गए। मामला बेटियों से जुड़ा होने के कारण महिला थाना टीआई समेत आदिम जाति विकास विभाग के अधिकारी जयंत जैन और प्राचार्य डॉ. शिवकुमार चौरसिया तत्काल मौके पर पहुंच गए। अफसरों के पहुंचने के बाद छात्राओं ने उनके सामने शिकायतों की झड़ी लगा दी। जिन्हें सुनकर वे सन्न रह गए। छात्राओं का कहना था कि हॉस्टल में पदस्थ कर्मचारी उनके साथ दुव्र्यवहार करते हैं। इसे लेकर वे कई बार शिकायत कर चुकी हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जाता है।
40 का बनाया खाना
स्कूल खुलने का समय सुबह 11 बजे है, लेकिन छात्राओं को समय पर कभी भी खाना नहीं मिलता है। गुरुवार को भी 11 बजे तक महज
40 छात्राओं का खाना बना था। शेष ने जब वार्डन से पूछा तो उसका कहना था कि अभी खाना बनने में समय लगेगा।
ऐसी स्थिति आए दिन निर्मित होने से बच्चियां स्कूल पहुंचने में लेट हो जाती हैं। बुधवार को भी करीब आधा सैकड़ा छात्राएं खाना न बनने के कारण स्कूल नहीं पहुंच पाई थीं। अधिकारियों के सामने बच्चियों ने कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए। कहा हमें घटिया किस्म का खाना परोसा जाता है। जब इसका विरोध करते हैं तो कर्मचारी कहते हैं कि 'यही मिलेगा, खाना है तो खाओ वरना मत खाओÓ। यही नहीं रोजाना एक ही तरह का मैन्यू होता है। नाश्ता भी सुबह 8 बजे के बजाय कभी 10 तो कभी 11 बजे तक मिलता है। कई बार तो नाश्ता बनाया ही नहीं जाता है।
हटाए जाएं कर्मचारी
अधिकारियों ने जब कर्मचारियों से बात की तो उनका तर्क था कि पूर्व में हॉस्टल में 55 छात्राएं थीं, लेकिन अब संख्या बढ़़ गई है, इसलिए समय लग जाता है। छात्राओं ने अधिकारियों से मांग की कि हॉस्टल में बीते 11 सालों से तैनात कर्मचारी मनमर्जी पर उतारू हैं। उन्हें किसी का भय नहीं है। इसलिए अब इन्हें हटाया जाना चाहिए।
घटनाक्रम के बाद पांच कर्मचारियों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। साथ ही
उन्हें चेतावनी दी है कि यदि दोबारा ऐसा हुआ तो हटा देंगे।
डॉ.शिवकुमार चौरसिया, प्राचार्य
मैंने एक सप्ताह पहले ही पदभार संभाला है। पिछली शिकायतों के आधार पर
कर्मचारियों को हटाया जाएगा।
जयंत जैन, एसी, आदिम जाति विकास विभाग

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