बीमारी की शिकायत के बाद 167 घरों में पहुंच किया स्वास्थ्य परीक्षण

पांच लोगों में लेप्टोस्पारिस बैक्टीरिया पॉजिटिव मिला

By: manish Dubesy

Published: 24 Jul 2018, 04:33 PM IST

सागर. उपनगरीय मकरोनिया में बीमारी की शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने शिविर की जगह अब घर-घर पहुंचकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण शुरू कर दिया है। सोमवार को पहले दिन स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर आशा कार्यकर्ताओं ने एमपीडब्ल्यू के कार्यकर्ताओं ने रजाखेड़ी, दुर्गानगर व जिंदा सेमरा में 167 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार इसमें दुर्गा नगर में 47, रजाखेड़ी में 93 व जिंदा सेमरा के 27 घरों में पहुंचकर लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया है। बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य विभाग फिलहाल उन्हीं क्षेत्रों में अपनी टीम भेजकर लोगों के स्वास्थ्य का परीक्षण कर रहा है जहां पर बीमारियों से ग्रस्त लोग पाए गए हैं। शहर के पांच लोगों में लेप्टोस्पारिस बैक्टीरिया पॉजिटिव मिला
घर में जानवर पालना कितनी बड़ी परेशानी बन सकता है, यह बात शायद ही किसी ने सोची हो, लेकिन इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आइसीएमआर) जबलपुर द्वारा जारी की गई रिपोर्ट यही कहती है। रिपोर्ट जारी होने के बाद स्थानीय डॉक्टर्स ने स्पष्ट कहा है कि घर में जानवर पालना सुरक्षित नहीं है, क्योंकि इससे लगातार लेप्टोस्पायरिस बैैक्टीरिया (जीवाणु) में बढ़ोतरी देखने मिल रही है।
यह बैैक्टीरिया जानवरों के मलमूत्र में पाया जाता है जो पानी के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है। इसमें यहां तक कहा जा रहा है कि यदि समय से इलाज नहीं कराया गया तो यह जानलेवा भी हो सकता है।
बीते दिनों उपनगरीय क्षेत्र मकरोनिया में बीमारियों से हुई १७ मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने करीब आधा सैकड़ा लोगों के नमूनों की जांच आइसीएमआर जबलपुर से कराई है। दो दिन पहले जारी की गई १३ लोगों की जांच रिपोर्ट में ५ लोगों लेप्टोस्पारिस बैक्टीरिया पॉजिटिव मिला है। विशेषज्ञों का कहना है कि वैसे तो यह सामान्य बीमारियों को पैदा करता है, लेकिन यदि व्यक्ति की शारीरिक स्थिति कमजोर है तो मौत का कारण भी बन सकता है।


लेप्टोस्पारिस एक तरह का बैक्टीरिया है, जो जानवरों के मलमूत्र में पाया जाता है। पानी या अन्य खाद्य पदार्थों के माध्यम से यह शरीर में पहुंचता है और अपना असर दिखाता है। बुखार के साथ यदि रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर है तो व्यक्ति को पीलिया जैसी बीमारियां भी हो सकती हैं।
डॉ. अमिताभ जैन,
जिला चिकित्सालय

manish Dubesy Desk
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