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सागर

यहां है अतिथि शिक्षकों की नौकरी पर संकट

बोर्ड परीक्षा का परिणाम खराब आने पर स्कूल के प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस दिया गया। प्राचार्यों ने भी खराब रिजल्ट के पीछे अतिथि शिक्षकों की जिम्मेदारी तय कर दी।

सागरJun 24, 2024 / 12:16 pm

रेशु जैन

खराब रिजल्ट का जिम्मा केवल अतिथियों को सौंपने पर अतिथि शिक्षक नाराज

सागर. बोर्ड परीक्षा का परिणाम खराब आने पर स्कूल के प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस दिया गया। प्राचार्यों ने भी खराब रिजल्ट के पीछे अतिथि शिक्षकों की जिम्मेदारी तय कर दी। जिसके बाद शिक्षा विभाग ने आदेश जारी किया कि 30 फीसदी से क म रिजल्ट देने वाले अतिथि शिक्षकों की अब नियुक्ति नहीं की जाएगी। वहीं जिले में ऐसे भी शिक्षकों को बाहर कर दिया है, जिनका रिजल्ट 30 फीसदी से अधिक है। कई शिक्षा जिला शिक्षा विभाग में अपने स्कूलों का रिजल्ट लेकर चक्कर काट रहे हैं।
नियमित और स्वाध्यायी छात्रों का एक साथ बनाया रिजल्ट
शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला में अतिथि शिक्षक ओमकार प्रसाद अहिरवार ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है कि उनका नाम 30 प्रतिशत कम परीक्षा परिणाम वाली सूची से हटाया जाए। ओमकार का कहना है कि वे अर्थशास्त्र विषय पढ़ाते हैं और उनके विषय का रिजल्ट 33.33 प्रतिशत है। उन्होंने बताया कि कुल नियमित छात्रों की संख्या 22 थी। जिसमें से 1 छात्र अनुपस्थित रहा। 21 छात्रों में से मेरे विषय अर्थशास्त्र में 7 छात्र उत्तीर्ण हुए। कुल छात्रों का प्रतिशत 33.33 प्रतिशत रहे। इस विद्यालय से 9 स्वाध्यायी छात्रों ने परीक्षा दी जो इस दायरे में नहीं आते हैं। उन्होंने बताया कि उनके ही स्कूल से अन्य शिक्षकों के नाम भी 30 प्रतिशत कम अतिथि शिक्षकों की सूची में जोड़े गए हैं।
40 फीसदी अतिथियों ने 3 माह ही कराई पढ़ाई
अतिथि शिक्षकों का कहना है कि परीक्षा का रिजल्ट 30 प्रतिशत से कम है उनकी सेवा अवधि को देखा जाए।
40 प्रतिशत अतिथि शिक्षकों के केवल 3 या 4 महीने ही स्कूलों में पढ़ाया है। नियमित शिक्षक और अतिथि शिक्षकों के परीक्षा परिणाम का एनालिसिस होना चाहिए। अतिथि शिक्षकों को 6 महीने का मानदेय यानी सैलरी से कुछ ज्यादा पैसा नहीं मिलता। ऐसे में सारी जवाबदारी थोपना गलत है।

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