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झूठे केस लगे तो आत्महत्या कर लूंगा

रईसजादे की मदद के बाद अब पीडि़त से धाराएं बढ़ाने 20 हजार रुपए की मांग, झूठे केस में फंसाने की धमकी भी नरयावली थाना पुलिस लगातार आरोपों के घेरे में: पीडि़त ने एसपी से की शिकायत सागर. चार मौतों के जिम्मेदार रईसजादे अमन बिड़ला की मदद करने वाली नरयावली थाना पुलिस अभी भी आरोपों के […]

सागरJul 05, 2024 / 07:55 pm

नितिन सदाफल

चार मौतों के जिम्मेदार रईसजादे अमन बिड़ला की मदद करने वाली नरयावली थाना पुलिस अभी भी आरोपों के घेरे में है।

चार मौतों के जिम्मेदार रईसजादे अमन बिड़ला की मदद करने वाली नरयावली थाना पुलिस अभी भी आरोपों के घेरे में है।

रईसजादे की मदद के बाद अब पीडि़त से धाराएं बढ़ाने 20 हजार रुपए की मांग, झूठे केस में फंसाने की धमकी भी

नरयावली थाना पुलिस लगातार आरोपों के घेरे में: पीडि़त ने एसपी से की शिकायत
सागर. चार मौतों के जिम्मेदार रईसजादे अमन बिड़ला की मदद करने वाली नरयावली थाना पुलिस अभी भी आरोपों के घेरे में है। रईसजादा वाला मामला अभी शांत नहीं हुआ कि नरयावली थाना पुलिस पर क्षेत्र के इकपानाबसोना गांव निवासी एक युवक ने एफआइआर दर्ज करने के एवज में रुपए मांगने संबंधी शिकायत पुलिस अधीक्षक से की है, जिसमें उसका आरोप है कि थाने के प्रधान आरक्षक जनक राजपूत ने 20 हजार रुपए की मांग की और रुपए न देने पर थाना प्रभारी कपिल कुमार लक्षकार का कहना था कि झूठे केस में फंसाकर जिंदगी बर्बाद कर दूंगा।
केस लगा तो आत्महत्या कर लूंंगा

नरयावली थाना क्षेत्र के इकपनाबसोना निवासी 23 वर्षीय श्याम सिंह पुत्र भगतसिंह लोधी ने पुलिस अधीक्षक से नरयावली थाना प्रभारी कपिल कुमार लक्षकार व प्रधान आरक्षक 117 जनक सिंह राजपूत के खिलाफ शिकायत की है। जिसमें बताया कि गांव के आशीष चौबे, विवेक चौबे, राहुल चौबे व सोनू चौबे के खिलाफ नरयावली थाना में एफआइआर दर्ज कराई थी। सभी आरोपी धनबल व आपराधिक किस्म के प्रभावशाली लोग हैं। आरोपियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने के एवज में प्रधान आरक्षक जनक सिंह राजपूत ने मुझसे 20 हजार रुपए की मांग की। इसके बाद जब मैंने रुपए नहीं दिए तो थाना प्रभारी कपिल कुमार लक्षकार का कहना था कि किसी से भी शिकायत कराकर एससी-एसटी का झूठा केस लगा दूंगा और इतने केसों में फंसा दूंगा कि जिंदगी खराब हो जाएगी। पीडि़त ने एसपी से की शिकायत में चेतावनी दी है कि यदि उस पर झूठा केस दर्ज हुआ तो वह आत्महत्या कर लेगा, जिसके जिम्मेदार नरयावली थाना प्रभारी और प्रधान आरक्षक जनक राजपूत होंगे।
एफआइआर में बंदूक-कट्टे का जिक्र नहीं

श्याम सिंह ने पुलिस एसपी से की गई शिकायत में बताया कि 30 जून को आशीष पुत्र राजाराम चौबे, विवेक पुत्र कृष्णकुमार चौबे, राहुल पुत्र नवलकिशोर चौबे व सोनू पुत्र राजाराम चौबे ने मेरा रास्ता रोकर मारपीट की। आशीष ने दुनाली बंदूक व राहुल ने कट्टा लिए था। चारों ने मिलकर मेरे साथ मारपीट की। श्याम ने बताया कि आरोपियों से मेरी पुरानी बुराई है। आरोपियों का कई एकड़ सरकारी जमीन पर कब्जा है और ग्राम पंचायत में विकास कार्यों के लिए आई राशि का गवन किया है। मैंने यह सभी जानकारी आरटीआई के तहत मांगी थी, जिसके कारण आरोपी मुझसे नाराज हैं। घटना के बाद मैं नरयावली थाना गया तो उन्होंने बंदूक व कट्टे का जिक्र एफआइआर में नहीं किया है।
अधिकारी जवाब देने तैयार नहीं

पीडि़त श्याम सिंह लोधी ने बताया कि उसकी शिकायत के बाद पुलिस कंट्रोल रूम में बयान देने के लिए बुलाया गया था, जहां अधिकारी के सामने उसने अपनी बात रखी, लेकिन जब पत्रिका ने इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश सिन्हा से बात करनी चाही तो उनका कोई जवाब ही नहीं मिला।
आरोप झूठे हैं

घटना के दिन ही श्याम की शिकायत पर एफआइआर दर्ज की थी। वहीं आगे कोई विवाद न हो इसलिए दोनों पक्षों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई थी।

कपिल कुमार लक्षकार, थाना प्रभारी, नरयावली

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