Big Breaking : 20 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा इनकम टैक्स निरीक्षक

Samved Jain

Publish: Jun, 14 2018 04:53:09 PM (IST) | Updated: Jun, 14 2018 04:53:10 PM (IST)

Sagar, Madhya Pradesh, India
Big Breaking : 20 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा इनकम टैक्स निरीक्षक

लोकायुक्त सागर की बड़ी कार्रवाई, सामने आ सकते है बड़े सच

सागर. लोकायुक्त सागर ने गुरुवार की दोपहर इनकम टैक्स कार्यालय सागर में रेड की तो पूरा स्टाफ दंग रह गया। कुछ ही सेकंड में लोकायुक्त ने ऑफिस में ही रिश्वत ले रहे इनकम टैक्स निरीक्षक को २० हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ लिया जाता है। यह रिश्वत आय से अधिक राशि खाते में पहुंचने के बाद होने वाली कार्रवाई को टालने के नाम मांगी गई थी। इसके पहले फरियादी को कार्यालय के काफी चक्कर कटवाकर परेशान भी किया गया था। मामले में लोकायुक्त ने प्रकरण दर्ज कर लिया है। शाम 5 बजे तक लोकायुक्त की कार्रवाई जारी रही।

 

गुरुवार की दोपहर लोकायुक्त एसपी की निर्देशन में डीएसपी राजेश खेड़े, निरीक्षक संतोष जमरा ने टीम के साथ इनकम टैक्स कार्यालय पहुंचे। जहां योजना के तहत फरियादी रशीद अहमद २० हजार रुपए की रिश्वत देने के लिए मौजूद था। जैसे की रशीद ने इनकम टैक्स निरीक्षक गजेंद्र चौधरी के हाथ में २० हजार रुपए की रिश्वत थमाई, वैसे ही लोकायुक्त ने रेड कर चौधरी को रंगे हाथ पकड़ दिया। इसके बाद टीम द्वारा जरूरी कार्रवाई पूरी की गईं। हाथ पानी में जाते ही रंग गए। रुपए जब्त किए गए और प्रकरण दर्ज किया गया।

 

Big Breaking : 20 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा इनकम टैक्स निरीक्षक

फरियादी रशीद अहमद ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी अंजुम के खाते में आय से अधिक राशि जमा की थी। जिसका प्रकरण आयकर विभाग में चल रहा था। प्रकरण इनकम टैक्स आफीसर सुधीर गुप्ता देख रहे थे। जिनसे अनेक बार प्रकरण के संबंध में चर्चा की गई, लेकिन उन्हें सिर्फ डराया गया और ऑफिस के चक्कर कटवाएं गए। बाद में इनकम टैक्स निरीक्षक गजेंद्र चौधरी द्वारा मामले में ३० हजार रुपए की रिश्वत देने की मांग रखी गई। रिश्वत आयकर अधिकारी द्वारा मांगे जाने की बात भी कही जा रही है। इधर मामले से परेशान होकर रशीद अहमद ने लोकायुक्त एसपी से मामले की शिकायत कर दी। इसके बाद गुरुवार को पूरी कार्रवाई हुई।

 

 

और भी प्रकरण आ सकते है सामने
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई नोटबंदी के बाद आरबीआई द्वारा ऐसे खातों की लिस्ट तैयार की गई थी, जिनमें आय से अधिक राशि का लेन-देन हुआ है। इस लिस्ट के आधार पर जिला स्तर पर आयकर विभाग को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, जिसे किसी बेगुनाह के विरुद्ध कार्रवाई न हो सके। अभी तक ऐसे प्रकरणों की जांच जारी है। ऐसे ही एक प्रकरण की जांच इनकम टैक्स निरीक्षक गजेंद्र चौधरी द्वारा की जा रही थी, जिसमें दस्तावेजों में हेराफेरी करने के एवज में उन्होंने ३० हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। लोकायुक्त अगर मामले में सूक्ष्म जांच करता है तो ऐसे और भी प्रकरण सामने आ सकते है।

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