सागर. अतिशय क्षेत्र मंगलगिरी में विराजमान मुनिश्री आदित्य सागर महाराज के ससंघ सानिध्य में पंचकल्याणक गजरथ महोत्सव के तहत मंगलवार जन्मकल्याणक पर पांडुक शिला पर 1008 कलाशों से तीर्थंकर बालक का जन्माभिषेक किया गया। बुधवार को तप कल्याणक के दिन सुबह जन्मकल्याणक पूजन और राजदरबार में 32 राजाओं द्वारा भेंट के साथ नेमीनाथ की सगाई रस्म होगी। दोपहर में कटरा नमक मंडी स्थित गौराबाई दिगबंर जैन मंदिर से नेमीनाथ की बारात शुरू होगी, जो मंगलगिरी पहुंचेगी। नेमीनाथ का वैराग्य दीक्षा कल्याणक के संस्कार होंगे।मंगलवार को जन्मकल्याण के अवसर पर मुनिश्री ने कहा कि जन्मकल्याणक मनाना सामान्य बात नहीं है। विचार करो जन्म क्यों हुआ। जन्म हुआ तुम्हारा ताकि जन्म नहीं हो द्वारा जन्म लेना कोई बड़ी बात नहीं है। जन्म लेकर सार्थक बनाना बड़ी बात है। मुनिश्री ने कहा कि धन का संग्रह काम नहीं आएगा। धर्म का संग्रह ही काम आएगा। धन खर्च करना कोई धर्म की पहचान नहीं है।

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