सर्द-गर्म भरे मौसम में शिशुओं पर निमोनिया का बना खतरा, सर्दी खांसी से भी पीडि़त हो रहे बच्चे

बीएमसी के पीआइसीयू में निमोनिया से पीडि़त ५० बच्चे भर्ती, हर रोज ८० फीसदी बच्चों में सर्दी-खांसी की शिकायत; श्वसनतंत्र में संक्रमण से पीडि़त शिशुओं को सांस की तकलीफ दूर करने नेबुलाइजर के लिए १० हजार मंगाए कैप्सूल

सागर. पिछले एक हफ्ते में मौसम में काफी बदलाव आया है। दिन में तेज धूप और रात में सर्दी महसूस की जा रही है। मौसम में बदलाव का बुरा असर बच्चों की सेहत पर पड़ रहा है। बच्चे निमोनिया और सर्दी खांसी से पीडि़त हो रहे हैं। बीएमसी के शिशु रोग विभाग में हर रोज २५० की ओपीडी है। इसमें ८० फीसदी बच्चे सर्दी खांसी से पीडि़त आ रहे हैं। वहीं, निमोनिया से पीडि़त बच्चों की संख्या भी बढ़ रही है। पीआइसीयू में निमोनिया से पीडि़त ५० बच्चे भर्ती हैं। पत्रिका ने जब बीएमसी के शिशु रोग विभाग की आेपीडी का जायजा लिया तो बड़ी संख्या में परिजन अपने बीमार बच्चों को लिए कतार में खड़े थे। अधिकांश बच्चों में सर्दी खांसी की शिकायत थी। बीएमसी के शिशु रोग विशेषज्ञ अजीत असाटी ने बताया कि सर्द-गर्म भरे मौसम में वायरल इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है। इससे सर्दी-खांसी से बच्चे जल्द पीडि़त हो जाते हैं। इस मौसम में बच्चों को विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है।

-२५ फीसदी बच्चों के श्वसन तंत्र में संक्रमण
शिशु रोग विशेषज्ञ आशीष जैन ने बताया कि इस मौसम में बच्चों में साधारण सर्दी- जुकाम की समस्या बढ़ जाती है। ये वायरल संक्रमण, बैक्टीरिया के कारण होता है और इस वजह से बच्चों के श्वसन तंत्र में संक्रमण हो जाता है। उन्होंने बताया कि इस मौसम में यदि ओपीडी में लगभग २५० बच्चे दिखाने आते हैं तो उनमें से लगभग 25 से 30 बच्चे श्वसन तंत्र संक्रमण से ग्रसित होते हैं। उन्होंने बताया कि इस मौसम में बच्चों को श्वसन तंत्र में संक्रमण न हो उसके लिए बच्चों को सर्दी से बचाना चाहिए। संक्रमित व्यक्तियों से बच्चों को दूर रखें तथा यदि किसी बच्चे में सर्दी-जुकाम, खांसी, सांस लेने में तकलीफ हो तो तुरंत डॉक्टर के पास ले जाना चाहिए।

-१० हजार मंगाए कैप्सूल
सांस की तकलीफ से पीडि़त भर्ती शिशुओं के लिए भाप देने के लिए नेबुलाइजर मशीन की जरूरत पड़ती है। पीआइसीयू में १५ नेबुलाइजर है। इसमें उपयोग की जाने वाले कैप्सूल ज्यादा उपयोग हो रहे हैं। हालही में प्रबंधन ने १० हजार कैप्सूल मंगवाए हैं। पीआइसीयू में भर्ती ५० बच्चों में २ माह से लेकर ५ साल तक के बच्चे हैं।

-यह हैं संक्रमण के लक्षण

बच्चे में खांसी
नाक बहना

बुखार
सांस लेने में कठिनाई

बहुत सुस्त हो

आकाश तिवारी Desk
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned