इस शख्स की मदद से चार साल बाद मिला बेटा

इस शख्स की मदद से चार साल बाद मिला बेटा

बेटे को लेने पुलिस के साथ पिता भी पहुंचा रायबरेली
गौरझामर. रानगिर तिराहा से लापता बालक चार साल बाद घर लौटा। उसके गुम होने परिजन काफी परेशान चल रहे थे। लेकिन जब वह अपने परिजनों से मिला तो उनका गम खुशी में बदल गया और बेटे को देखते ही गले लगा लिया।
जानकारी के अनुसार दशरथ अहिरवार का बारह वर्षीय पुत्र डेलन अहिरवार चार वर्ष पहले गौरझामर बस स्टैंड पर बाल कटवाने के बाद घर नहीं पहुंचा था।
इसके बाद परिजनों द्वारा आसपास सहित रिश्तेदारों के यहां तलाश की गई। जिसकी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। तब से वे लगातार बेटे कीतलाश कर रहे थे। कई बार थाने में और एसपी से गुहार लगाई थी। इसके बाद शनिवार को एक फोन आया और बताया कि जिला रायबरेली उत्तरप्रदेश से फरीद खान बोल रहा हूं। आपका पुत्र मेरे पास है जिससे आप बात कर सकते हैं। उन्होंने यह बताया कि आपका पुत्र सुरक्षित है।
इसके बाद दशरथ ने पुलिस की मदद ली। थाना प्रभारी सत्यनारायण भगत ने वीडियो कॉलिंग से बात कराई और पिता के साथ बेटे को लेने रायबरेली उत्तरप्रदेश पुलिस स्टाफ को भेजा।
खेत में काम करता था, भागकर बचाई जान
डेलन ने बताया कि गांव से उसे एक गाड़ी वाले उठा ले गए थे। कुछ दिन तक उन्होंने एक खेत पर रखा और वहां काम कराया। इस दौरान मौका मिलते ही खेत से दौड़ लगाकर भाग गए और एक पुल के पास जा पहुंचे। जहां बैठकर रो रहे थे। तभी फरीद खान मिले और मुझे अपने घर ले गए। उन्होंने मुझे खाना खिलाया और कपड़े भी दिलाए। इसके बाद मेरे पापा से मोाबाइल पर बात भी कराई।
१० दिन पहले मिला था मासूम
जिला रायबरेली उत्तर प्रदेश निवासी फरीद खान ने बताया कि 10 दिन पहले उसे रास्ते में एक पुल के पास फटे पुराने कपड़े पहने ठंड से कांपता हुआ एक बच्चा रोता हुआ मिला था। उससेजानकारी ली तो वह गांव का नाम नहीं बता पाया सिर्फ अपने पिता का मोबाइल नंबर और नाम की जानकारी दी। मोबाइल नंबर मिलने पर उसके पिता से बात कर जानकारी देकर कहा कि आपका बेटा मेरे पास सुरक्षित है। आप यहां आकर अपने साथ ले जा सकते हैं।
पुलिस दस्ता ले आया मासूम को
गौरझामर थाना प्रभारी सत्यनारायण भगत ने बताया कि बच्चे के पिता द्वारा सूचना दी गई थी कि जिला रायबरेली उत्तर प्रदेश में मेरा बेटा किसी फरीख खान के यहां सुरक्षित है। जिस नंबर से लडक़े के पिता को फोन आया था उसी पर कॉल किया और लडक़े को वीडियो कॉलिंग पर देखा। इसके बाद पुलिस थाने से पिता को स्टाफ के साथ उप्र भेजा गया था। वह बुधवार को गौरझामर थाने लेकर आए हैं। जिससे जानकारी लेने का प्रयास किया गया लेकिन वह कुछ नहीं बता पा रहा है। अभी वह डरा हुआ भी है।

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manish Dubesy Desk
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