अस्पताल में सीधे होगी ऑक्सीजन सप्लाई, बॉटलिंग प्लांट से भरे जाएंगे जंबो सिलेंडर, भेजे जाएंगे अन्य अस्पतालों में

मुख्यमंत्री और केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री ने अस्थाई कोविड अस्पताल का किया निरीक्षण

By: sachendra tiwari

Updated: 09 May 2021, 10:11 PM IST

बीना. निर्माणाधीन अस्थाई कोविड अस्पताल का निरीक्षण रविवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने किया। अधिकारियों से चर्चा कर उन्होंने २५ मई तक अस्पताल चालू करने के लिए कहा है।
मुख्यमंत्री और केन्द्रीय मंत्री दोपहर 12.15 बजे हैलीकॉप्टर से अस्थाई कोविड अस्पताल पहुंचे और नक्शा के माध्यम से अस्पताल का क्षेत्रफल, सुविधाएं देखीं। इसके बाद रिफाइनरी के सभाकक्ष में अधिकारियों के साथ बैठक ली और जल्द से जल्द अस्पताल का निर्माण करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि जहां ऑक्सीजन वहीं अस्पताल के सिद्धांत पर यह कार्य किया गया है। यह प्रदेश का पहला अस्पताल है, जहां प्लांट से सीधे ऑक्सीजन सप्लाई की जा रही है। ऑक्सीजन के संबंध में केन्द्रीय पेट्रोलियम मंत्री बात हुई थी, जिसपर उन्होंने तत्काल ही टीम को काम पर लगा दिया था और अब उद्योगों में उपयोग होने वाली ऑक्सीजन मरीजों के उपयोग में लाई जा सकती है। साथ ही अस्पताल के लिए ८ से १० टन ऑक्सीजन की जरूरत है, जबकि ऑक्सीजन प्लांट दो यूनिट की क्षमता १८२ मेट्रिक टन है, जिससे यहां पेट्रोलियम मंत्री ने बॉटलिंग प्लांट लगाने के आदेश दिए हैं, जिससे आसपास के क्षेत्र सहित प्रदेश में अन्य जगहों पर २५ मेट्रिक टन ऑक्सीजन सिलेंडरों के माध्यम भेजी जाएगी। इसके लिए एक कंप्रेशर दुर्गापुर से आ रहा है और दूसरा कोरिया मंगाया जा रहा है। कुल चार कंप्रेशर मंगाए जा रहे हैं। गेल, आयनॉक्स सहित अन्य कंपनियों से भी ऑक्सीजन के संबंध में चर्चा चल रही है और जल्द ही मप्र ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर बनेगा। २५ मई तक २०० पलंग का अस्पताल चालू करने के निर्देश दिए हैं और उसके बाद जरूरत होने पर पलंग बढ़ाए जाएंगे। रिफाइनरी द्वारा 2 बीएआर प्रेशर पर सप्लाई प्रारंभ की जाएगी, जिससे साधारण ऑक्सीजन अस्थाई अस्पताल के बिस्तरों के लिए पर्याप्त होगी।
तीन हजार जंबो सिलेंडर भरेंगे प्रतिदिन
केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि ऑक्सीजन के बॉटलिंग प्लांट से हर दिन तीन हजार जंबो सिलेंडर भरकर दूसरी जगह भेजे जाएंगे। गुजरात के बाद मप्र का यह पहला प्रयोग है जहां किसी प्लांट के बाजू से ही अस्पताल स्थापित किया गया है। ऑक्सीजन की उपलब्धता के मामले में केन्द्र और मप्र सरकार लगातार कार्य कर रही हैं, जिससे जल्द ही स्थिति में सुधार होगा।
वेस्ट मैनेजमेंट का रखा जाए ध्यान
मुख्यमंत्री ने निर्देश है कि अस्पताल से संबंधित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, मेडिकल वेस्ट, लिक्विड वेस्ट आदि का वैज्ञानिक निपटारा और प्रबंधन किया जाए। बिजली सब स्टेशन का कार्य समय सीमा के पूर्व ही पूर्ण होने पर अधिकारियों की प्रशंसा की। उन्होंने अस्थाई अस्पताल में भोजन व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था तथा हाउसकीपिंग सर्विस की बेहतर व्यवस्था करने, पहुंच मार्ग, डोम में कंक्रीट फ्लोर, पार्किंग, मेडिकल गैस पाइप लाइन सिस्टम, फैंसिंग सहित ऑक्सीजन बैकअप और 150 केएलडी के सेप्टिक, एसटीपी का कार्य शीघ्र पूर्ण करने के लिए कहा।
यह रहे उपस्थित
इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह, राजस्व एवं परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया, सांसद राजबहादुर सिंह, जिलाध्यक्ष गौरव सिरोठिया, विधायक महेश राय, कलेक्टर दीपक सिंह, एसपी अतुल सिंह, अपर कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी, एसडीएम प्रकाश नायक आदि उपस्थित थे।

sachendra tiwari Reporting
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