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जानिए, किसने कहा Water Bodies से हटाएं अतिक्रमण

लाखा बंजारा झील के मामले में एनजीटी ने 82 पेज का आदेश जारी किया, चार सदस्यीय पैनल ने सुनाया फाइनल फैसला

सागर

Published: April 14, 2022 09:22:48 pm

सागर. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल की चार सदस्यीय बेंच ने लाखा बंजारा झील को लेकर फाइनल जजमेंट सुना दिया है। एनजीटी ने सागर की लाखा बंजारा झील समेत प्रदेश की सभी वाटर बॉडीज् से अवैध अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। एनजीटी ने कहा कि आदेश की एक प्रति सचिव (पर्यावरण) को भेजें और वह एक समिति का गठन करें। समिति की निगरानी में प्रदेश की सभी वाटर बॉडीज् से अवैध कब्जा हटाएं। इस मामले में कानूनी प्रक्रिया का पालन भी किया जाए। याचिकाकर्ता जया ठाकुर के अधिवक्ता वरुण ठाकुर ने बताया कि लाखा बंजारा झील समेत प्रदेश के सभी जलाशयों के लिए एक गाइडलाइन निर्धारित की गई है। इसके साथ ही एनजीटी ने झील का संरक्षित श्रेणी में रखने का आदेश भी दिया है। एनजीटी ने 82 पेज का जजमेंट सुनाया है।

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एनजीटी ने जिला व नगर निगम प्रशासन को ये निर्देश दिए

- कलेक्टर सागर को आदेशित किया है कि झील में जो अतिक्रमण है उसे कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए हटाया जाए। कलेक्टर उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के हिसाब से काम करें।

- कलेक्टर सागर और नगर निगम सागर को यह सुनिश्चित करें कि तालाब में कोई ठोस कचरा न फेंके और यदि यह पाया जाता है तो ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2016 का उल्लंघन माना जाएगा। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा निर्धारित मापदंडों के अनुसार आवश्यक कार्रवाई करने, अभियोजन शुरू करने के साथ-साथ पर्यावरण मुआवजे की गणना और वसूली के लिए निर्देशित किया जाता है।

- कलेक्टर सागर और नगर निगम सागर यह सुनिश्चित करें कि झील में सीवरेज का दूषित पानी तो नहीं छोड़ा जा रहा है। ऐसी स्थिति होने पर झील के पास एसटीपी का निर्माण करें।

वर्तमान में सिर्फ अतिक्रमण ही बची समस्या

लाखा बंजारा झील में अब नालों का दूषित पानी नहीं मिल पाएगा। स्मार्ट सिटी योजना के तहत नाला ट्रेपिंग का काम किया जा रहा है। वहीं सीवर प्रोजेक्ट के तहत घरों से निकलने वाला दूषित पानी अब सीधे सीवर नेटवर्क के जरिए शहर के बाहर भेजा जाएगा जिसके कारण झील प्रदूषित होने से बच जाएगी। वर्तमान में झील किनारे अतिक्रमण का मुद्दा ही शेष रह गया है वह भी सालों से अफसरों की इच्छाशक्ति की कमी के कारण टलता आ रहा है।

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