लाखा बंजारा झील के डीसिल्टिंग में फंसने लगे तो कलेक्टर साहब आए याद

लाखा बंजारा झील के डीसिल्टिंग में फंसने लगे तो कलेक्टर साहब आए याद
Lakhan Banjara Lake If the collector came to be trapped in desilting

Sanket Shrivastava | Publish: Jun, 02 2018 10:09:38 AM (IST) Sagar, Madhya Pradesh, India

कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित हुई बैठक

सागर. लाखा बंजारा झील के डीसिल्टिंग के कार्य में शहर के जनप्रतिनिधि और नगर निगम प्रशासन फंसने लगा तो फिर कलेक्टर साहब की याद आ गई। शुक्रवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित हुई बैठक में विधायक शैलेंद्र जैन, महापौर अभय दरे, निगमायुक्त अनुराग वर्मा, नेता प्रतिपक्ष अजय परमार समेत शहर के कई दर्जन गणमान्य नागरिक शामिल हुए।
बैठक में नेता प्रतिपक्ष परमार, डॉ. धर्णेंद्र जैन, अतुल मिश्रा समेत अन्य लोगों ने कहा कि डीसिल्टिंग के मामले में लापरवाही की गई है और बिना प्लानिंग के काम शुरू किया गया है। जनप्रतिनिधियों और निगम ने सीधे तौर पर कलेक्टर आलोक कुमार सिंह के निर्देशन में डीसिल्टिंग के कार्य को करवाने का प्रस्ताव रखा।
इसमें नहीं भाजपा-कांग्रेस
विधायक और महापौर ने बैठक में कहा कि भले ही राज्य शासन से राशि नहीं मिली है लेकिन निगम प्रशासन वर्क ऑर्डर जारी कर सकता है। इस पर बैठक में उपस्थित लोगों ने आपत्ति जताई। पत्रिका ने टेंडर के इस खेल की पतासाजी की, तो चौकाने वाले तथ्य सामने आए। डी-सिल्टिंग के लिए बुलाए गए शॉर्ट टेंडर में मात्र एक ही एजेंसी ने हिस्सा लिया है, जो वर्षा पत्नी पुष्पेंद्र जैन के नाम से है। पुष्पेंद्र कांग्रेस से पूर्व विधायक रहे सुनील जैन के साढ़ू भाई हैं। शायद यही वजह थी कि भाजपा के नेता बैठक में वर्क ऑर्डर जारी करवाने के लिए एढ़ी-चोटी का जोर लगा रहे थे। बैठक में डॉ. सुखदेव मिश्रा, अजय दुबे, डॉ. धर्णेंद्र जैन, मुकेश जैन ढाना, अंकलेश्वर दुबे, प्रकाश चौबे, राजेंद्र सिलाकारी, प्रदीप पाण्डे, अतुल मिश्रा, डॉ. दिवाकर मिश्रा, रोहित तिवारी समेत अन्य लोगों उपस्थिति रहें।
बैठक में किसने, क्या कहा?
& मैंने बैठक में खनिज, आरटीओ को भी बुलाया है। सब सहयोग करेंगे। डीसिल्टिंग के कार्य के लिए २४ घंटे का कंट्रोल रूम स्थापित होना चाहिए, ताकि मॉनीटरिंग हो सके। हर संगठन एक-एक घाट पर काम करें।
आलोक कुमार सिंह, कलेक्टर
& मैंने विधायक निधि से झील के घाटों के सौंदर्यीकरण की बात कही है। भट्टों घाट पर पत्रिका समाचार पत्र द्वारा श्रमदान किया जा रहा है। इस घाट का जल्द से जल्द सौंदर्यीकरण किया जाएगा। अन्य घाटों को भी आदर्श स्थिति में लाएंगे।
शैलेंद्र जैन, विधायक
&गंगा घाट पर लाइट लगाई जा चुकी है। रात्रिकालीन श्रमदान की व्यवस्था की गई है। एक घाट से पूरा अभियान चलाना संभव नहीं है, इसलिए जरूरी होगा कि हमें कई घाटों को तैयार करना होगा।
अभय दरे, महापौर
&डीसिल्टिंग शब्द का उपयोग न करके तालाब की सफाई कहा जाना चाहिए। डीसिल्टिंग एक बड़ा काम है। प्लानिंग में कमी के कारण अव्यवस्थाएं हुईं हैं, चूंकि समय कम है, इसलिए घाटों की ओर ध्यान देना चाहिए
अजय परमार, नेता प्रतिपक्ष

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