झील को संवारने जनप्रतिनिधियों ने भरी हुंकार, कहा दम तोड़ती विरासत को संवारने का आगाज

बड़ों से लेकर बच्चों ने की सहभागिता, महिलाएं भी नहीं रहीं पीछे

By: नितिन सदाफल

Published: 24 May 2018, 12:50 PM IST

सागर. लाखा बंजारा झील की सफाई के लिए इस शहर के लोगों में कितना उत्साह है, यह बात मुझे बीते दिन हुई सुझाव बैठक और आज सामने बैठी भीड़ से समझ आ गई है। अखबारों में पढ़ा है कि कैसे झील की सफाई के लिए लोग आगे आ रहे हैं।


यह बात बुधवार को संजय ड्राइव पर आयोजित हुए कार्यक्रम में प्रदेश के राजस्व व जिले के प्रभारी मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने कही। उन्होंने कहा कि सागर से मेरा लगाव प्रभारी मंत्री होने के नाते नहीं है बल्कि मैं इस शहर का पहले से ही ऋणी हूं। प्रदेश और केंद्र सरकार के पास खूब पैसा है।


महापौर अभय दरे झील की कायाकल्प के लिए जिस भी सरकार के पास जाने का बोलेंगे, मैं उनके साथ खड़ा रहूंगा। झील में यह अभियान उस वक्त तक चलना चाहिए जब तक इसका पानी पीने योग्य न हो जाए। इसके बाद प्रभारी मंत्री ने विधायक, महापौर समेत अन्य नेताओं की उपस्थिति झील की डी-सिल्टिंग, राजघाट बांध की मरम्मत कार्य का शुभारंभ किया।

 

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इसके उपरांत प्रभारी मंत्री ने जनप्रतिनिधियों व अन्य लोगों के साथ छोटी झील में प्रतीकात्मक श्रमदान किया। इसके बाद जेसीबी मशीनों को गंगाघाट की ओर भेजा गया और दोपहर के बाद वहीं पर खुदाई हुई। महापौर ने बताया कि जनभागीदारी द्वारा गुरुवार की सुबह गंगा मंदिर के पास डी-सिल्टिंग का कार्य किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सर्व स्वर्णकार समाज के जिलाध्यक्ष माखन सोनी ने एक दिन श्रमदान के लिए जेसीबी मशीन देने की घोषणा भी की है।


कार्यक्रम में हस्तशिल्प विकास निगम के अध्यक्ष नारायण प्रसाद कबीरपंथी, भाजपा जिलाध्यक्ष प्रभुदयाल पटेल, प्रभारी कलेक्टर व निगमायुक्त अनुराग वर्मा, सुधीर यादव, नितिन बंटी शर्मा, वरिष्ठ पार्षद नरेश यादव, सोमेश जडि़या, सीताराम पचकोड़ी, रवीेंद्र लारा, निगम के सभी पार्षद, सामाजिक संगठनों, अधिवक्ता संघ, कान्टेक्टर्स, इंजीनियर्स फोरम, कालोनाइजर्स, डॉक्टर्स एसोसिएशन, व्यावसायिक संगठन समेत अन्य की उपस्थिति रही।

कार्यक्रम में ये बोले जनप्रतिनिधि
विधायक शैलेन्द्र जैन ने कहा कि सागर तालाब की जो दुर्दशा हुई है उसमें हर आदमी की हिस्सेदारी है। हमने इस तालाब को पवित्र दृष्टि से देखा ही नहीं और अपने घर का कचरा डालने का स्थान बना लिया। हमें इस विचार को बदलना होगा


महापौर अभय दरे ने स्वागत भाषण में कहा कि बीते दिन अल्पकालीन सूचना में निगम में बैठक बुलाई थी जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शामिल होकर झील के प्रति आस्था प्रकट कर दी है। सफाई के लिए सभी ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और 20 जेसीबी व 40 ट्रैक्टर ट्राली श्रमदान के कार्य में लगाने की घोषणा की। महापौर ने कहा कि तालाब की सफाई में पूरी पारदर्शिता रहेगी।


डॉ. हरिसिंह गौर केंद्रीय विवि के कुलपति प्रो. आरपी तिवारी ने कहा कि झील के अस्तित्व का बचाना हमारा नैतिक दायित्व है। उन्होंने कहा कि विवि की ओर से सात दिन तक श्रमदान किया जाएगा।

 

पुल के नीचे डली थी शहीद की प्रतिमा
संजय ड्राइव पर स्थित पुल के नीचे पानी खत्म होने के बाद शहीद कालीचरण की प्रतिमा कई दिनों से पड़ी हुई थी। बुधवार को कार्यक्रम के बाद डॉ. धर्णेंद्र जैन, पार्षद सोमेश जडि़या, रोहित तिवारी समेत अन्य ने प्रतिमा को उठवाने का प्रयास किया। इस मौके पर पार्षद जडि़या ने प्रतिमा को अपने वार्ड में ससम्मान लगवाने की बात कही, जिसके बाद प्रतिमा को उनके वार्ड भेजा गया।

 

एक मड पंप व पोकलेन मशीन में आई खराबी
झील को खाली करने के कार्य में लगे उपकरण खराब होने लगे हैं। मोंगा बंधान पर बीते दो दिनों से एक मड पंप ही चल रहा है। नाम न छापने की शर्त पर निगमकर्मियों ने बताया कि एक पंप खराब हो गया है। झील में पंपों व चाबी तक पानी लाने के लिए पोकलेन मशीन का उपयोग किया जा रहा है। बुधवार को मशीन जब कीचड़़ में नाली बना रही थी तभी उसकी चेन टूट गई जिसके कारण मशीन पूरे दिन कीचड़ में ही फंसी रही।

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नितिन सदाफल Desk
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