Video:जीपीएफ राशि निकलवाने के एवज में मांगी थी रिश्वत,14 हजार लेते हुए पकड़ाए स्वास्थ्य विभाग के लेखा अधिकारी

Rajesh Kumar Pandey

Publish: Dec, 07 2017 04:03:37 PM (IST) | Updated: Dec, 07 2017 04:12:26 PM (IST)

Sagar, Madhya Pradesh, India

लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई

सागर. मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय सागर के लेखा अधिकारी को लोकायुक्त पुलिस सागर ने १४ हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा है। यह रिश्वत विभाग में ही पदस्थ एक कर्मचारी से ली जा रही थी। लोकायुक्त द्वारा लेखा अधिकारी को ट्रेप करने के बाद शेष कार्रवाई की जा रही है।
जानकारी के अनुसार स्वास्थ्य विभाग गढ़ाकोटा में पदस्थ रेडिया ग्राफर राजेश अहिरवार पिता हरिराम अहिरवार को जीपीएफ की जरूरत थी। इसके लिए उन्होंने सीएमएचओ कार्यालय में आवेदन किया था। मामला लेखा विभाग में पहुंचने के बाद लेखा अधिकारी जयंकात दुबे सहायक ग्रेड ३ द्वारा उनसे ५ प्रतिशत की रिश्वत मांगी गई थी। राजेश को ३ लाख २० हजार रुपए जीपीएफ की जरूरत थी। जिसका ५ प्रतिशत यानि १६ हजार रुपए रिश्वत मांगी गई थी। राजेश ने बिना रिश्वत के काम करने के लिए कहा था, जिसके लिए लेखा अधिकारी ने मना कर दिया था।
इससे परेशान राजेश अहिरवार ने मामले की शिकायत लोकायुक्त एसपी कार्यालय में पहुंचकर की थी। शिकायत पहुंचने के बाद लोकायुक्त ने योजनाबद्ध तरीके पहले तैयारी की। साथ ही गुरुवार की दोपहर सीएमएचओ कार्यालय के बाद लेखा अधिकारी जयकांत दुबे को राजेश अहिरवार से १४ हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। लेखा अधिकारी को पकडऩे के बाद वह कार्यालय ले गए। जहां पूरी कार्रवाई की गई। यहां पीडि़त कर्मचारी राजेश अहिरवार ने और भी लोगों से ली गई रिश्वत की बात का भी जिक्र किया है।
इस संबंध लोकायुक्त टीआई संतोष जमरा ने बताया कि रिश्वत लेते हुए लेखा अधिकारी को पकडऩे के बाद फिंगर लिए जा चुके है। उनके विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर फिलहाल जमानत दे दी गई है। लोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद स्वास्थ्य विभाग के महकमे में सुगबुगाहट शुरू हो गई है। हर कोई अब दूसरे विभाग में हो रहे भ्रष्टाचार की चर्चा करने लगा है। मामले को लेकर सीएमएचओ का अब तक कोई बयान नहीं आया है। इस मौके पर लोकायुक्त पुलिस की टीम में निरीक्षक उपमा सिंह, आरक्षक आशुतोष व्यास, सुरेंद्र सिंह, संजीव अग्निहोत्री, मनोज कोरकू शामिल रहे।
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