लाइन लॉस, बिजली कंपनी को अकेले शहर में हर माह लग रहा 2 करोड़ रुपए का चूना

15 प्रतिशत करने का लक्ष्य, जबकि शहर में 30 प्रतिशत के करीब पहुंचा लॉस, चरम पर हो रही बिजली चोरी।

 

 

 

सागर. बिजली कंपनी ने शहर में बढ़ती बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए एक बार फिर से सख्ती से कार्रवाई करना शुरू कर दिया है। इसका कारण यह है कि बीते दिनों हुई समीक्षा में यह बात सामने आई है कि कंपनी को अकेले सिटी डिवीजन में हर माह लगभग 2 करोड़ रुपए का नुकसान केवल चोरी के रूप में हो रहा है। इस हिसाब से देखें तो शहर में हर साल 24 करोड़ की बिजली चोरी की जा रही है। यह स्थिति अकेले सिटी डिवीजन में नहीं बल्कि जिले के अन्य पांच डिवीजन में भी देखने को मिली है। यही कारण है कि कंपनी ने सतत निगरानी और बकायादारों से सख्ती से वसूली के निर्देश दिए हैं।

दरअसल बीते एक साल में विधानसभा चुनाव व लोकसभा चुनाव के चलते कंपनी ने न तो चोरी रोकने के लिए कोई प्रयास किए हैं, न ही बकाया राशि की वसूली के लिए। यही कारण है कि बीते साल सैकड़ों करोड़ रुपए माफ होने के बाद महज एक साल में एरियर्स बढ़कर फिर से करोड़ों में पहुंच गया है।

3 लाख यूनिट अधिक खपत

बिजली कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि हर तरफ से अघोषित कटौती के आरोप लगाए जा रहे हैं, जबकि मई 2018 की तुलना में मई 2019 में अकेले सिटी डिवीजन में 3 लाख यूनिट अधिक बिजली की खपत हुई है। पिछले साल जहां मई में 2 करोड़ 22 लाख यूनिट बिजली की खपत हुई थी वहीं इस साल यह बढ़कर 2 करोड़ 25 लाख यूनिट के करीब बताई जा रही है।

अब डीटीआर स्तर पर होगी मॉनिटरिंग

बीते दिनों बिजली कंपनी के अधिकारियों द्वारा जिले के सभी डिवीजन की समीक्षा की गई थी। जिसमें यह बात निकलकर सामने आई थी कि कुछ समय से नियमित चौकिंग न होने के कारण चोरी का प्रतिशत बढ़ता जा रहा है। कंपनी स्तर पर जहां सभी डिवीजन को लाइन लॉस कम कर 15 प्रतिशत तक लाने के निर्देश थे, वहां आज की स्थिति में 25 प्रतिशत से ऊपर ही लाइन लॉस जा रहा है। इसमें 10 से 15 प्रतिशत लाइन लॉस बिजली चोरी के कारण बढ़ा है। इसको कंट्रोल करने के लिए अधीक्षण अभियंता ने एक बार फिर से डीटीआर स्तर पर मॉनिटरिंग कर ज्यादा लॉस/चारी वाले क्षेत्रों की सूची तैयार कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद अब शहर में डीटीआर स्तर पर मैपिंग शुरू कर दी गई है। हालांकि कंपनी पूर्व में भी इस प्रकार के प्रयोग कर चुकी है, लेकिन सतत निगरानी न होने के कारण स्थिति बिगड़ती जा रही है।

कनेक्शन काटे जाएंगे

शहर सहित जिले भर में बिजली चोरी का प्रतिशत बढ़ा है, जिसे रोकने के लिए सतत निगरानी के निर्देश दिए हैं। साथ ही बड़े बकायादारों से वसूली करने और अन्यथा की स्थिति में कनेक्शन काटे जाएंगे। इस काम में किसी प्रकार की लापरवाही बरदास्त नहीं की जाएगी।

जीडी त्रिपाठी, अधीक्षण अभियंता, सागर

मदन गोपाल तिवारी
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