ऐसे तो शहर बन जाएगा गांव, निकाल रहे खामियां विकास के नाम पर सिर्फ डीपीआर

दीनदयाल नगर में प्रोजेक्ट के तहत करीब सवा सात करोड़ की लागत से होने विकास कार्य

By: Samved Jain

Published: 13 Mar 2018, 09:56 AM IST

सागर. नगर पालिका मकरोनिया के जिम्मेदारों की अनदेखी और लापरवाही के चलते विकास थम सा गया है। डेढ़ साल में न तो नपा ने यहां के विकास को लेकर कोई प्रयास किए हैं और न ही हाउसिंग बोर्ड द्वारा दी गई राशि से होने वाले काम की डीपीआर बन सकी है।
हाल यह है कि डेढ़ साल में नपा तीन बार डीपीआर में सुधार करा चुकी है, फिर भी सोमवार को नगरीय प्रशासन भोपाल से मकरोनिया पहुंचे विशेषज्ञों ने डीपीआर को देखा और कई खामियां गिनाईं। इसके पहले भी नगरीय प्रशासन द्वारा नगर पालिका को फरवरी में 16 कमियों को सुधारने के लिए पत्र लिखा गया था, लेकिन अब तक डीपीआर में बताए गए संशोधन नहीं हो सके हैं।



 

ये जारी हुआ था पत्र


नगरीय प्रशासन एवं विकास भोपाल के अधीक्षण अभियंता राजीव गोस्वामी द्वारा ३ फरवरी को एक पत्र जारी कर कहा था कि सभी १६ कमियों की पूर्ति कर विधिवत प्रस्ताव संभागीय कार्यपालन यंत्री के स्पष्ट तकनीकि अभिमत के साथ प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।

ये खामियां निकालीं


सीसी रोड के प्राक्कलन एवं क्रॉस सेक्शन में भिन्नता है।


सीसी रोड प्राक्कलन संलग्न क्रस्ट डिजाइन के अनुसार तैयार नहीं किया गया है।


सीसी रोड के साथ ड्रेन का प्रावधान नहीं किया गया है।


प्राक्कलन में अंकित दरें त्रुटिपूर्ण हैं।


प्रस्तावित कार्यों का साइड प्लान एवं चिन्हांकित गूगल मेप संलग्न नहीं है।


सीसी रोड के प्राक्कलन में यूटीलिटी डक्ट एवं साइड सोल्डर का प्रावधान नहीं किया गया है।


सीवर कार्य के लिए प्रस्तुत रिपोर्ट अपूर्ण एवं अव्यवहारिक है।८- सीवर नेटवर्क की डिजाइन सीएचपीइइओ मेनुअल अनुसार होना चाहिए।९- सीवर नेटवर्क की डिजाइन को ध्यान में रखकर कार्य का प्राक्कलन तैयार करें।


ठ्ठ सीवर कार्य के प्राक्कलन में एनपी-२ पाइप प्रावधान किए जाने से पाइप के नीचे उपयुक्त बेस को शामिल किया जाना आवश्यक है।
प्राक्कलन में मेन साइज एक सा लिया गया है, जबकि निर्धारित स्लोपमें पाइप डालने में मेन साइज प्रथक-प्रथक होगा।


सीवर लाइन कार्य के प्राक्कलन में एस्केवेशन, रिफलिंग एवं पेहमेंट रेस्टोरेशन कार्य को भी शामिल किया जाना होगा।


टर्मिनल मेन की गहराई के अनुसार यदि पंपिंग की आवश्यकता होती है तो उसका भी प्रावधान प्राक्कलन में करना होगा।


सीवरेज के ट्रीटमेंट के पश्चात एसटीपी में एकत्र स्लज के उचित एवं पर्याप्त निस्तार का प्रावधान भी प्राक्कलन में शामिल किया जाना आवश्यक है।


प्रस्तावित कार्य कराए जाने के संबंध में सक्षम स्वीकृति संलग्न नहीं है।


अधोसंरचना विकास कार्य में होने वाले व्यय की व्यवस्था निकाय द्वारा किस तरह की जाएगी।

Samved Jain
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