मंडल की कई पैसेंजर ट्रेनें जल्द चलेंगी एक्सप्रेस बनकर, ट्रेनों की स्पीड के साथ बढ़ेगा किराया

आम व्यक्ति की जेब पर पड़ेगा असर

By: anuj hazari

Published: 24 Jun 2020, 09:00 AM IST

बीना. कोरोना वायरस के चलते रेल यातायात बंद करने से रेलवे को करोड़ों रुपए का नुकसान हुआ है। लॉकडाउन में कमाई हुई नहीं उल्टा करोड़ों रुपए खर्च हो गए। अब चुनिंदा ट्रेनें दौड़ रही हैं तो मामूली आय हो रही है, लेकिन खर्च कई गुना ज्यादा है। इस घाटे की भरपाई करने के लिए रेलवे कई विकल्प ढूड़ रहा है। कई विकल्पों पर रेलवे बोर्ड ने काम चालू भी कर दिया है। इसी में एक विकल्प पैसेंजर ट्रेनों को एक्सप्रेस बनाना है। ऐसा हुआ तो सामान्य वर्ग के यात्रियों को यात्रा पर ज्यादा खर्च करना होगा, जिस पर लॉकडाउन के पहले वे कम रुपए खर्च कर यात्रा पूरी कर लेते थे। सीधा मतलब है कि रेलवे बोर्ड चुनिंदा पैसेंजर ट्रेनों को एक्सप्रेस बनाने जा रहा है। इसके बाद ट्रेनों की रफ्तार में मामूली बढ़त का दावा है, लेकिन किराया उससे ज्यादा बढ़ जाएगा।
दो सौ किलोमीटर के दायरे में चलने वाली ट्रेनें की जाएगी शामिल
दरअसल, रेलवे बोर्ड पैसेंजर ट्रेनों को एक्सप्रेस बनाने जा रहा है। सूत्रों की माने तो इसमें 200 किलोमीटर के दायरे में चलने वाली पैसेंजर ट्रेनों को शामिल करना है। रेलवे का दावा है कि पैसेंजर को एक्सप्रेस बनाने से उसकी रफ्तार बढ़ जाएगी, यात्री एक से दूसरे स्टेशन के बीच जल्दी पहुंचेंगे। ट्रेनों को एक्सप्रेस बनाने से उनमें एक्सप्रेस श्रेणी का किराया लगेगा, जो पैसेंजर श्रेणी की तुलना में प्रति यात्री औसतन कई गुना ज्यादा होगा।
इन टे्रनों को किया जाना है शामिल
इसमें भोपाल मंडल से चलने वाली भोपाल-जोधपुर, भोपाल-इटारसी विंध्याचल, एक्सप्रेस, झांसी-इटारसी पैसेंजर, बीना-नागदा पैसेंजर ट्रेनों को शामिल किया जाना है। इन ट्रेनों में ज्यादातर स्थानीय यात्री सफर करते हैं। एक अनुमान के मुताबिक एक पैसेंजर ट्रेन में एक दिन में 1200 से 1500 यात्री सफर करते हैं। इस तरह भोपाल रेल मंडल की चार पैसेंजर ट्रेनों में एक दिन में 6 हजार यात्री सफर करते हैं। प्रत्येक यात्रियों को 50 से 60 रुपए अधिक चुकाना होगा।
स्थानीय यात्रियों को ये नुकसान
हमेशा से रेलवे जब भी पैसेंजर को एक्सप्रेस ट्रेन बनाता है तो उसकी रफ्तार बढ़ाई जाती है। ऐसा तभी संभव हो पता है जब ट्रेन के छोटे-छोटे स्टॉपेज को खत्म किया जाए। इस तरह पैसेंजर ट्रेनें एक्सप्रेस बन गईं तो वे छोटे स्टेशनों पर नहीं रुकेंगी और इस तरह स्थानीय यात्रियों को नुकसान होगा।
मेमू ट्रेन के रूप में देना होगा विकल्प
यात्रियों का कहना है कि पैसेंजर ट्रेनों को एक्सप्रेस बनाने और उनके छोटे-छोटे स्टॉपेज को खत्म करने से पहले रेलवे को भोपाल-बीना मेमू की तर्ज पर मेमू ट्रेनें चलानी होंगी। तभी स्थानीय यात्रियों को फायदा होगा।
वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी
सामान्य वर्ग के स्थानीय लोगों के आवागमन के लिए शुरुआत से ही पैसेंजर ट्रेनें ही जरिया हैं। इन्हें भी एक्सप्रेस बनाकर किराया बढ़ा दिया और स्टॉपेज खत्म कर दिए तो दिक्कत होगी। रेलवे को इनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करनी होगी।
निरंजन वाधवानी, सदस्य मंडल रेल उपयोगकर्ता सलाहकार समिति
रेलवे बोर्ड लेगा निर्णय
पैसेंजर ट्रेनों को एक्सप्रेस बनाना है या नहीं, इस संबंध में रेलवे बोर्ड निर्णय लेगा। मंडल को जैसे निर्देश मिलेंगे, उनका पालन करेंगे।
आईए सिद्दीकी, पीआरओ, भोपाल

anuj hazari Reporting
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