बिना जांच के ही हाथठेला पर बिकता रहा मावा, अधिकारी बेखबर

लोगों के स्वास्थ्य के साथ हो रहा खिलवाड़

By: sachendra tiwari

Published: 30 Oct 2020, 09:21 AM IST

बीना. खाद्य पदार्थों की शुद्धता को लेकर भले ही बड़े-बड़े दावे किए जाते रहे हो, लेकिन शहर में अधिकारियों की नाक के नीचे ही हाथ ठेलों पर मावा बेचा जा रहा है। यह मावा बगैर जांच के ही लोगों को बेचा जा रहा है, जिसे खाने से लोग बीमार भी हो सकते हैं। मावा बेचते समय कोरोना गाइडलाइन का भी पालन नहीं हो रहा है।
शरद पूर्णिमा को लेकर क्ंिवटलों मावा और मावा से बने लड्डू शहर में बिकने ेके लिए आए हैं, लेकिन यह कितने शुद्ध हैं इसकी कोई जांच नहीं की गई है। यहां तक की हाथठेला पर ऐसे लोग मावा बेचते नजर आए जो अन्य दिनों में दूसरा सामान बेचते हैं। हाथ ठेले पर रखे मावा पर मक्खी भिनभिना रही थीं और गंदगी के बीच मावा बेचा जा रहा था। ठेलों पर सस्ता और महंगा मावा मौजूद था, लेकिन यह कोई नहीं बता रहा था कि मावा के दामों में अंतर क्यों है। जागरूक लोगों ने हाथठेलों से मावा नहीं लिया, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को यह मावा बेचा गया है, जिससे लोगों के बीमार होने का खतरा भी बना है। ठेले पर जो भी मावा खरीदने आ रहा था वह मावा को छूकर देख रहा था, जिससे कोरोना संक्रमण का भी खतरा है। ठेले पर मावा बेचने वाला व्यक्ति न तो सैनिटाइजर का उपयोग कर रहा था और न ही उसके चेहरे पर मास्क था। इस संबंध में कुछ लोगों ने एसडीएम को भी सूचना दी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
खाद्य विभाग द्वारा नहीं की जाती कार्रवाई
खाद्य सामग्री की जांच करने के लिए सागर से खाद्य विभाग की टीम आती है, लेकिन यह टीम साल में एक या दो बार आकर सैम्पल लेती है। जबकि हर त्योहार पर मावा से बनने वाली मिठाई सहित अन्य खाद्य सामग्री की जांच होना जरूरी है, जिससे इसे खाने से लोग बीमार न हों।

sachendra tiwari Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned